प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे इटली, पीएम मेलोनी ने सोशल मीडिया पर उनके साथ सेल्फी पोस्ट कर ‘रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त’
विदेश मंत्रालय के अनुसार साल 2023 के बाद से दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच यह आठवीं मुलाकात है जो मजबूत होते रिश्तों को दर्शाती है। दोनों नेता ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29’ के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और आतंकवाद के खिलाफ फंडिंग रोकने पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में रक्षा और सुरक्षा के नए क्षेत्रों में सहयोग के रोडमैप को अंतिम रूप देने की योजना बनाई गई है जो काफी महत्वपूर्ण है…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के व्यापक यूरोपीय दौरे के आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर मंगलवार शाम इटली की राजधानी रोम पहुंच गए हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के विशेष निमंत्रण पर हो रहा यह दौरा पीएम मोदी का इटली का पहला आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा है। मेलोनी ने सोशल मीडिया पर उनके साथ सेल्फी पोस्ट कर ‘रोम में आपका स्वागत है मेरे दोस्त’ लिखकर उनका भव्य स्वागत किया।
यह यात्रा भारत और इटली के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों नेता रक्षा, तकनीक और वैश्विक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे जिससे भविष्य का साझा रोडमैप तैयार होगा। इस बैठक से यूरोपीय संघ में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और अधिक मजबूत होने की पूरी संभावना है जो वैश्विक परिप्रेक्ष्य में अहम है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार साल 2023 के बाद से दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच यह आठवीं मुलाकात है जो मजबूत होते रिश्तों को दर्शाती है। दोनों नेता ‘संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29’ के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे और आतंकवाद के खिलाफ फंडिंग रोकने पर चर्चा करेंगे। इस बैठक में रक्षा और सुरक्षा के नए क्षेत्रों में सहयोग के रोडमैप को अंतिम रूप देने की योजना बनाई गई है जो काफी महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के दिग्गज उद्योगपतियों के साथ विशेष संवाद करेंगे। वे संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के मुख्यालय का दौरा कर वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराएंगे। यह दौरा वैश्विक चुनौतियों पर आपसी तालमेल बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने में गेम-चेंजर साबित होने वाला है।
यूरोपीय संघ में इटली वर्तमान में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बनकर उभरा है जो द्विपक्षीय आर्थिक प्रगति का प्रतीक है। साल 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 1।3 लाख करोड़ रुपये (14।25 बिलियन यूरो) तक पहुंच चुका है जो एक मील का पत्थर है। अब दोनों देशों ने साल 2029 तक इस व्यापार को बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो करने का एक अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य साझा किया है।
इटली की कंपनियों ने अब तक भारत में 3।66 बिलियन डॉलर से अधिक का भारी निवेश किया है जो निवेशकों के विश्वास को दर्शाता है। ‘टाटा मोटर्स’ द्वारा इटली के ‘इवेको ग्रुप’ का अधिग्रहण किए जाने के बाद से भारतीय कंपनियों का हौसला भी यूरोपीय बाजार में काफी बढ़ा है। यह आर्थिक साझेदारी आने वाले वर्षों में दोनों देशों के लिए विकास और नवाचार के नए रास्ते खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है।
दोनों देश अब सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की संभावनाएं तलाश रहे हैं जिससे रक्षा संबंधों को एक नया आयाम मिलेगा। हाल ही में इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने भी भारत का दौरा किया था ताकि रक्षा सहयोग की रूपरेखा तैयार की जा सके। यह कदम न केवल सामरिक सुरक्षा को बढ़ाएगा बल्कि दोनों देशों के औद्योगिक आधार को भी मजबूती प्रदान करने का कार्य करेगा।
क्वांटम टेक्नोलॉजी, एआई और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में ‘सहयोग कार्यक्रम 2025-27’ के तहत कई संयुक्त प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे। ये अत्याधुनिक तकनीकें दोनों देशों के भविष्य के विकास के लिए आधार स्तंभ बनेंगी और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी काफी बढ़ावा देंगी। स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन पर ध्यान केंद्रित करना जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में एक बड़ा कदम साबित होगा।
इटली में करीब 1.87 लाख से 2.5 लाख भारतीय रहते हैं जो यूरोपीय संघ में प्रवासियों का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण समूह माना जाता है। ‘माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट’ के जरिए दोनों देशों के नागरिकों और छात्रों के लिए आने-जाने के रास्ते पहले से कहीं अधिक आसान बनाए जा रहे हैं। वर्तमान में 5100 से अधिक भारतीय छात्र इटली में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं जो शैक्षणिक आदान-प्रदान की मजबूती को दर्शाता है।



