IG अभिषेक शांडिल्य ने बेमेतरा भ्रमण के दौरान जिले के राजपत्रित अधिकारियों की ली बैठक, सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने दिए निर्देश

बेमेतरा। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग अभिषेक शांडिल्य के बेमेतरा भ्रमण के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम सायबर सेल बेमेतरा में जिले के राजपत्रित अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना एवं अपराध नियंत्रण हेतु प्रभावी रणनीति तैयार करना था।

बैठक में आईजीपी दुर्ग रेंज द्वारा पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल सहित उपस्थित राजपत्रित अधिकारियों से बेमेतरा जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं समग्र पुलिसिंग से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। उन्होंने आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष एवं प्रभावी पुलिसिंग को प्राथमिकता देने की बात कही तथा बेहतर समन्वय एवं कार्यकुशलता पर विशेष जोर दिया।

आईजीपी दुर्ग रेंज द्वारा “समाधान ऐप” के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि मकान मालिक एवं होटल/लॉज संचालक किरायेदारों एवं यात्रियों की जानकारी अनिवार्य रूप से ऐप पर अपलोड करें। प्रतिदिन भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस स्टैंड, चौपाटी में चेकिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करने, एवं संदिग्ध व्यक्तियों – ठेला/गुमटी लगाने वाले, फेरीवालों – की पहचान कर आवश्यक चेकिंग कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

उन्होंने निर्देशित किया कि मकान मालिकों से अपील करें की वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराये पर मकान देने से पूर्व उसकी सूचना नजदीकी थाना में अनिवार्य रूप से दें। होटल/लॉज संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे रुकने वाले सभी व्यक्तियों का आधार कार्ड जांचें और समाधान ऐप में उनका विवरण दर्ज करें।

आईजीपी दुर्ग रेंज द्वारा स्पष्ट किया गया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सशक्त बनाना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से पुलिस का क्षेत्र पर नियंत्रण और सूचना तंत्र अधिक मजबूत होगा। जिले में प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने एवं आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से समस्त थाना एवं चौकी क्षेत्रों को बीट में विभाजित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक बीट पर नियुक्त प्रभारी क्षेत्र की जानकारी एकत्र कर अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने इस बैठक के माध्यम से थाना एवं चौकी प्रभारी को निर्देशित किया कि आमजन मानस को बताये कि बाहरी व्यक्तियों को किराए में मकान देने से पूर्व इसकी सूचना अनिवार्य रूप से थाना में नोट कराएं। साथ ही सभी वार्ड पार्षद को भी बताए कि किसी भी अंजान लोगो को शहर/ग्रामों में ठहरने न दें साथ ही पुलिस थाना को सूचित करे। अनाधिकृत/अवैध रूप से रह रहें, अवैध अप्रवासी बांग्लादेशी/रोहिंग्या घुसपैठियों एवं संदिग्ध दिखने वाले व्यक्ति जो बाहर से आकर कही रूका हो जो आपको संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 18002331905 पुलिस को दें।

उन्होंने सभी थाना/चौकी प्रभारी को निर्देशित किया कि सीसीटीएनएस योजनांतर्गत एमएलसी/पीएम रिपोर्ट को ऑनलाइन माध्यम से संबंधित अस्पतालों में भेजे जाने तथा एनसीआरबी, नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-समंस पोर्टल, समन्वय पोर्टल, साइबर पुलिस पोर्टल (NCCRP), CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के उपयोग और संचालन के संबंध में एवं इस दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए टीम भावना से कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।

आईजीपी दुर्ग रेंज ने कहा की फरियाद लेकर आने वाले लोगों से थाना व चौकी इंचार्ज स्वयं बात करें व मैत्रीपूर्ण व्यवहार कर उनकी शिकायतों को धैर्य से सुनकर प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान करें। उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित व्यक्ति की शिकायत को धैर्य से सुन कर उसे शीघ्र अति शीघ्र निराकरण/समाधान का प्रयास किया जाएगा, तो निश्चित तौर पर समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित महसूस करेगा तथा समाज में पुलिस की एक बेहतर छवि नजर आएगी।

उन्होंने ने अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ने कहा कि अवैध कार्यों में संलिप्तता को बर्दाश्त नहीं की जाएगी । उन्होंने थाना और चौकी में लंबित अपराधों, मर्ग, गुम इंसान और लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया।

आईजीपी दुर्ग रेंज ने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी। साथ ही समयबद्ध मामलों का शीघ्र निपटारा कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, उन्होंने तलाशी और जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य बताते हुए, मामलों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कम्यूनिटी पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण पर ध्यान देने के साथ-साथ मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने के दिशा-निर्देश भी दिए गए। आईजीपी ने विजिबल पुलिसिंग और चेकिंग अभियान को सक्रिय करने की बात कही। उन्होंने म्यूल अकाउंट धारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर क्राइम, और सोशल मीडिया के माध्यम से हो रहे अपराधों के संबंध में आम जनमानस को जागरूक करने के निर्देश दिए।

महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण के लिए “ऑपरेशन मुस्कान” चलाने का भी निर्देश दिया गया। संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर पैनी नजर रखने और सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई। उन्होंने ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को सोशल मीडिया पर सतत निगाह रखने और अधिकारी/कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने के साथ कानून और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होनें चोरी और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग और काम्बिंग गश्त करने के निर्देश दिए गए। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। तथा गुमशुदा महिला/पुरूष की खोजबीन हेतु विशेष अभियान “आपरेशन तलाश” चलाकर अधिक से अधिक गुमशुदा महिला एवं पुरूष की दस्तयाबी करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होनें साइबर अपराध के प्रति आमजनों को जागरूक करने तथा फाइनेशियल फ्रॉड के प्रकरणों में म्यूल अकाउंट को फ्रीज करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए। तथा आम जनता से पुलिस का बेहतर संबंध बनाने, कम्यूनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने, सायबर अपराधों व एटीएम फ्राड के संबंध में ग्रामो, हॉट/बाजारों, स्कूल/कालेजो में जागरूकता अभियान चलाने, सोशल एक्टीविटी में पुलिस विभाग का सक्रिय रहने व आम जनता में पुलिस विभाग का विश्वास बढ़ाने आवश्यक दिशा – निर्देश दिए गए।

पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईजीपी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस की आदर्श छवि को सशक्त करने की दिशा में पूरी निष्ठा से कार्य किया जाएगा।

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