बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ रही प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आरंग विकासखंड स्थित सतनाम पंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने गुरुगद्दी आसन के दर्शन कर नमन किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 29 करोड़ रुपए की लागत के तीन महत्वपूर्ण सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी ने सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, वह संपूर्ण मानव समाज के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक रहेगा। बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ हमें भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की पावन कर्मभूमि भण्डारपुरी धाम सतनाम पंथ की आस्था के साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला हमारी आस्था, सामाजिक एकता और सद्भाव की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के बताए सत्य, करुणा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। विकास की यात्रा में कोई भी समाज, वर्ग अथवा क्षेत्र पीछे न रहे, इसी भावना के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतनामी समाज की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली स्थित कोचिंग संस्था में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है। उन्होंने भण्डारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़े स्थलों के विकास एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के इस संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा लक्ष्य है। उन्होंने सभी से बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक सद्भाव और समरसता को मजबूत करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुल 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपए की लागत के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपए की लागत से मोहंदी-अड़सेना मार्ग के 4 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण और 3 करोड़ 30 लाख 78 हजार रुपए की लागत से नरदहा में 2 किलोमीटर लंबे आंतरिक मार्ग का निर्माण शामिल है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपए की लागत से 29 किलोमीटर लंबे छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग के डामर नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ गांवों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर चार महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत खमतराई में हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, नगर पंचायत आरंग के ओड़का में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख रुपए, नगरपालिका परिषद मंदिर हसौद के पीएम श्री स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए तथा चंदखुरी में नगर पंचायत कार्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए 85 लाख रुपए देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके साथ ही अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की भी घोषणा की।

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सतनामी समाज सतत विकास की ओर अग्रसर है। समाज की ओर से विकास से जुड़ी जितनी भी मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई हैं, उन्हें उन्होंने संवेदनशीलता के साथ पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज आगे भी चहुंमुखी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भण्डारपुरी में मोती महल का भूमिपूजन सामाजिक समरसता और समाज की सांस्कृतिक विरासत के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 किए जाने से समाज के अधिक युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास साहेब ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने समानता का संदेश देकर समाज को सत्य, सद्भाव और मानवता की राह दिखाई। उन्होंने समाज के लोगों से बाबा गुरु घासीदास जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

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