बर्खास्त आरक्षक के विरुद्ध अभियोग पत्र न्यायालय में पेश, आय से अधिक संपत्ति का मामला

रायपुर। एन्टी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर द्वारा दिनांक 05.10.2026 को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जीआरपी थाना बिलासपुर के बर्खास्त आरक्षक संतोष कुमार राठौर क्रमांक 462 के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय विशेष न्यायाधीश पीसी एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में पेश किया गया है।
आरोपी के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति धारित करने की जानकारी के आधार पर आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 57/2024, धारा 13(1)बी, 13(2) पीसी एक्ट 1988 यथा संशोधित अधि.2018 का पंजीबद्ध किया जाकर दिनांक 01.12.2024 को आरोपी के बिलासपुर स्थित निवास स्थान सहित अन्य स्थानों पर एसीबी द्वारा छापा कार्यवाही की गयी थी।
विवेचना के दौरान आरोपी के आय व्यय के संबंध में संकलित जानकारी के आधार पर आरोपी का आय 46,08,341 रूपये तथा व्यय 62,28,137 रूपये होना पाया गया तथा आरोपी के आय की तुलना में आरोपी का व्यय अधिक होना पाया गया। संग्रहित साक्ष्य से आरोपी के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति धारित करने का अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति प्राप्त कर अभियोग पत्र पेश करने की कार्यवाही की गयी है।
विदित हो कि आरोपी संतोष कुमार राठौर के विरूद्ध जीआरपी बिलासपुर में पदस्थ रहने के दौरान अपने अन्य आरक्षक साथियों के साथ ट्रेन में गांजा तस्करी का पता कर गांजा तस्करी कर्ताओं को पकड़कर गांजा को रख लेने तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत् कार्यवाही न करने के एवज में उनसे पैसा वसूली करने व आपस में बांट लेने का आरोप लगा था।
जिस पर जीआरपी थाना बिलासपुर द्वारा आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 117/2024 धारा 20बी, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत् दर्ज किया जाकर प्रकरण को अग्रिम विवेचना हेतु एसीसीयू जिला बिलासपुर को स्थानांतरित किया गया था जिसमें विवेचना के दौरान एसीसीयू बिलासपुर द्वारा आरोपी उक्त के विरूद्ध चालान क्रमांक 46-ए/2024 माननीय विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट बिलासपुर के न्यायालय में पेश किया गया था जो एनडीपीएस एक्ट के मामले में आरोपी संतोष कुमार राठौर वर्तमान में बिलासपुर जेल में निरूद्ध है।
आरक्षक संतोष कुमार राठौर को एनडीपीएस एक्ट के मामले में उसके विरूद्ध दर्ज अपराध क्रमांक 117/2024 धारा 20बी, 29 एनडीपीएस एक्ट के मामले में आपराधिक आचरण प्रदर्शित करने के लिए पुलिस अधीक्षक रेल छ0ग0 द्वारा दिनांक 19.11.2024 को सेवा से पृथक कर दिया गया है।



