निरीक्षक रोहित मालेकर के उत्कृष्ट विवेचना से NDPS के आरोपी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास एवं 2 लाख रूपये का अर्थदण्ड
रायपुर। मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई और आरोपियों को सजा दिलाने के लिए विवेचना की गुणवत्ता महत्वपूर्ण होती है। प्रकरण में उरला थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित मालेकर ने विवेचना के दौरान मामले से जुड़े तथ्यों एवं साक्ष्यों को संकलित करते हुए कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की। विवेचना के आधार पर न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरण में आरोपी को कठोर सजा सुनाई गई।
माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया जाना मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध कानून की सख्ती को दर्शाता है। साथ ही, यह मामला गंभीर आपराधिक प्रकरणों में तथ्यपरक एवं साक्ष्य आधारित विवेचना के महत्व को भी रेखांकित करता है।
दिनांक 01.04.2025 को थाना उरला क्षेत्र स्थित रियल इस्पात कंपनी के गार्ड राजेश सिंह द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि कंपनी में माल लोड करने आये ट्रक क्रमांक GJ 01 JT 4272 के चालक द्वारा टूल बॉक्स में 4 सफेद प्लास्टिक की बोरी में गांजा नुमा पदार्थ रखा हुआ है। सूचना पर थाना उरला टीम द्वारा रेड कार्यवाही की गई।
मौके पर ट्रक क्रमांक GJ 01 JT 4272 के टूल बॉक्स को खोलकर चेक करने पर उसके अंदर 4 बोरी में प्लास्टिक के पैकेटों में मादक पदार्थ गांजा रखा हुआ पाया गया। NDPS एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए आरोपी की तलाशी ली गई एवं जप्ती की कार्यवाही की गई।कुल 4 बोरी में भरा हुआ 40.545 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा, जिसकी कीमत लगभग 4,05,000 रूपये एवं कीमत 24,05,000 रूपये ज़ब्त किया गया।
आरोपी का नाम: इरफान सा दीवान पिता इस्माईल सा दीवान उम्र 32 साल साकिन ग्राम भोभा टेकारी बोरसद थाना बोरसद जिला आणंद (गुजरात)*
पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि वह दिनांक 18.03.2025 को ट्रक लेकर निकला था। उसके गांव के ही इमरान नामक व्यक्ति ने उसे ओडिशा से गांजा लाने हेतु कहा था और प्रति किलो पीछे 1000 रूपये देने का लालच दिया था।
दिनांक 28.03.2025 की रात्रि में अंगूल और गोगंडा के बीच एक ऑटो चालक द्वारा उसे 4 बोरी गांजा दिया गया था, जिसे उसने अपने ट्रक के टूल बॉक्स में रखकर रियल इस्पात कंपनी आ गया था, जहां पुलिस द्वारा पकड़ा गया। सम्पूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया था।
माननीय विशेष न्यायाधीश NDPS एक्ट रायपुर द्वारा, दिनांक 27.10.2026 को फैसला सुनाते हुए आरोपी इरफान सा दीवान को- धारा 20(b)(ii)(C) NDPS एक्ट में दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2,00,000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड अदा न करने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।



