नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 116 ग्राम सोना, नगद 2 लाख रुपए सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

आत्मसमर्पित माओवादियों की निशानदेही पर थाना बारसूर क्षेत्र के तोड़मा गांव के जंगल पहाड़ से हथियारों, विस्फोटकों, नकद और सोने का डंप बरामद…116 ग्राम सोना कीमती 16 लाख रुपए तथा ₹2,00,000 कैश सहित जुमला कीमती 18 लाख रुपए बरामद…उपरोक्त भारी मात्रा में डंप सामग्री आत्मसमर्पित माओवादियों की सटीक निशानदेही पर बरामद की गई है…

दंतेवाड़ा। जिला दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस और सुरक्षा बलों को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। हाल ही में हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने वाले आत्मसमर्पित माओवादियों की सटीक निशानदेही पर, जिले के थाना बारसूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तोड़मा के घने जंगलों में चलाए गए सर्च अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों के कई डंप बरामद किए गए हैं।

माओवादियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने और अपनी गतिविधियों को संचालित करने के उद्देश्य से इन सामग्रियों को जमीन के नीचे अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा गया था।

सर्चिंग टीमों द्वारा अलग-अलग अभियानों में भारी मात्रा में नकद, आभूषण, हथियार, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री जब्त की गई है।

नकद एवं आभूषण: 116 ग्राम सोने का बिस्कुट कीमती 16 लाख रुपए तथा 02 लाख रुपये नकद। जुमला कीमती 18,00,000 रुपए।

इंसास राइफल – 01 नग तथा इंसास मैग्जीन – 16 नग।एके-47 मैग्जीन – 04 नग तथा एके- 47 राउण्ड – 68 नग
एसएलआर मैग्जीन – 23 नग तथा एसएलआर राउण्ड – 34 नग।

12 बोर बंदूक – 05 नग तथा 12 बोर राउण्ड – 07 नग।
बीजीएल लांचर – 03 नग तथा बीजीएल सेल – 01 नग।
कार्बाइन मैग्जीन – 02 नग।
303 राउण्ड – 08 नग, 303 चार्जर – 45 नग तथा 8 एमएम राउण्ड – 06 नग।

भरमार बंदूक – 10 नग (टूटा-फूटा), रिवाल्वर – 01 नग तथा एयरगन – 01 नग।
टिफिन बम – 06 नग, पाईप बम – 04 नग, तीर बम – 122 नग, पैरा बम – 01 नग, देशी हैण्ड ग्रेनेड – 02 नग तथा देशी मोर्टार – 02 नग।
जिलेटिन – 01 स्टील डब्बा, डेटोनेटर – 20 नग, कोडेक्स वायर – 01 बंडल तथा कुकर – 14 नग।
वर्दी कपड़ा, दवाइयां, पर्चे-पाम्पलेट एवं अन्य दैनिक उपयोगी सामग्री।

उपरोक्त भारी मात्रा में डंप सामग्री आत्मसमर्पित माओवादियों की सटीक निशानदेही पर बरामद की गई है। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि आत्मसमर्पित माओवादियों ने अब नक्सल विचारधारा को पूरी तरह से त्याग दिया है। वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने तथा अहिंसा और विकास की राह को चुन चुके हैं।

यह सकारात्मक बदलाव इस बात का प्रमाण है कि हमारा क्षेत्र भविष्य में विकास के एक उज्ज्वल मॉडल की ओर अग्रसर हो रहा है। इन विस्फोटकों और हथियारों की जब्ती से भविष्य में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की किसी बड़ी माओवादी साजिश को भी समय रहते विफल कर दिया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button