बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर होंगे दिनेश त्रिवेदी, MEA ने जारी की अधिसूचना

यूपीए सरकार में रेल मंत्री रहे दिनेश त्रिवेदी बांग्लादेश में भारत के अगले उच्चायुक्त होंगे। सरकार ने सोमवार को उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है…

नईदिल्ली (ए)। भारत सरकार ने पूर्व मंत्री और भाजपा वरिष्ठ नेता दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय (एमईए) ने आधिकारिक जानकारी साझा की। दिनेश त्रिवेदी उच्चायुक्त प्रणय वर्मा की जगह ले सकते हैं। वहीं प्रणय वर्मा को यूरोपीयन यूनियन में भारत का राजदूत बनाकर ब्रसेल्स भेजा जा रहा है। सरकार के इस फैसले को भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ढाका में एक अनुभवी राजनेता को भेजने का नई दिल्ली का यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों पक्ष उन द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि दोनों देशों के बीच मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान काफी तनाव आ गया था। विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि त्रिवेदी जल्द ही यह जिम्मेदारी संभाल लेंगे। वह प्रणय वर्मा की जगह लेंगे, जिन्हें बेल्जियम और यूरोपीय संघ (ईयू) में नई दिल्ली का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री के उच्चायुक्त बनने के संकेत पहले ही मिलने लगे थे। 19 अप्रैल को ही भाजपा नेता और पार्टी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने एक्स पोस्ट के जरिए “पूर्व केंद्रीय मंत्री और बैरकपुर सांसद रहे दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किए जाने पर बधाई” दी थी।

कौन हैं दिनेश त्रिवेदी? 
यूपीए सरकार के दौर में दिनेश त्रिवेदी ने रेल मंत्री के अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री की जिम्मेदारी भी निभाई। वर्ष 2012 में रेल बजट में यात्री किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। इस फैसले का ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध किया और आखिरकार त्रिवेदी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। बाद में टीएमसी के कोटे से मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाया गया था।

दिनेश त्रिवेदी ने 12 फरवरी 2021 को टीएमसी से इस्तीफा दिया और अगले महीने 6 मार्च 2021 को बीजेपी का दामन थाम लिया था। त्रिवेदी पश्चिम बंगाल की बैरकपुर लोकसभा सीट से 2009 से 2019 तक सांसद रहे। इसके अलावा, वे 1990-96 और 2002-08 के दौरान राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं।

75 पार त्रिवेदी काफी अनुभवी राजनेता रहे हैं। त्रिवेदी करियर डिप्लोमैट प्रणय वर्मा की जगह लेंगे। त्रिवेदी की चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और बांग्लादेश मोहम्मद यूनुस प्रकरण के बाद अपने संबंधों को सुधारने के प्रयास में लगे हुए हैं। दोनों देशों के संबंध तब खराब हुए थे, जब देशभर में चले आंदोलन के बाद तख्तापलट हुआ और तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था। अमेरिका समर्थित यूनुस के कार्यकाल के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तल्खी स्पष्ट तौर पर दिखी थी। हाल ही में बांग्लादेश में संसदीय चुनाव हुए जिसमें बीएनपी के तारिक रहमान प्रधानमंत्री चुने गए। उनके आने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार के संकेत साफ दिखे हैं।

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