IAS रजत बंसल होंगे छत्तीसगढ़ जनसंपर्क के नये आयुक्त, सीएम सचिवालय में विशेष सचिव की भी मिली जिम्मेदारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने IAS रजत बंसल को जनसंपर्क आयुक्त (सीपीआर) बनाया है। इसके अलावा सीएम सचिवालय में विशेष सचिव की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। रजत बंसल वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है।
रजत बंसल छत्तीसगढ़ कैडर के 2012 बैच के IAS ऑफिसर हैं। वे हरियाणा के रहने वाले हैं। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी करने के बाद, उन्होंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम किया। उन्होंने अपनी पहली कोशिश में IPS रैंक हासिल की, फिर दूसरी कोशिश में IAS बने।
रजत बंसल ने 3 सितंबर 2012 को आईएएस की सर्विस ज्वाइन की थी। उनको फील्ड ट्रेनिंग के लिए पहली पोस्टिंग सहायक कलेक्टर के रूप में रायगढ़ जिले में मिली थी। अगस्त 2014 में राजनांदगांव के एसडीएम बने।
राजनांदगांव के सीईओ जिला पंचायत बने। फिर सूरजपुर जिले में जिला पंचायत सीईओ बने। रायपुर नगर निगम के कमिश्नर रहें। इसके अलावा, धमतरी, बस्तर और बलौदाबाजार- भाटापारा जिलों के कलेक्टर रह चुके हैं।
आईएएस रजत बंसल के पिता वन सेवा के अधिकारी थे। रजत बंसल का जन्म 25 जुलाई 1988 को हुआ है। उनकी स्कूली शिक्षा लॉ मार्टिनियर स्कूल लखनऊ और डीपीएस स्कूल आरके पुरम दिल्ली से हुई है। 10वीं में रजत बंसल ने स्कूल में टॉप किया था।
नए जनसंपर्क आयुक्त के लिए सरकार के समक्ष तीन-चार नाम थे। मगर आखिरकार रजत बंसल के नाम पर न केवल मुहर लगाया गया बल्कि उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें सीएम सचिवालय में पोस्टिंग दी गई। इसके अलावा उनके पास डायरेक्टर माईनिंग और एमडी माईनिंग कारपोरेशन का भी प्रभार रहेगा। छत्तीसगढ़ में बैजेंद्र कुमार को छोड़ दें तो किसी जनसंपर्क आयुक्त के पास इतना चार्ज नहीं रहा। इस तरह कह सकते हैं कि सरकार ने रजत बंसल पर भरोसा जताया है।
जनसंपर्क आयुक्त के लिए वैसे तो पब्लिक डोमेन से लेकर ब्यूरोक्रेसी के गलियारों में कई नाम चल रहे थे। मगर रजत बंसल को सबसे उपयुक्त समझा गया। रजत बंसल की खासियत यह है कि वे काफी मिलनसार तो हैं ही, रिजल्ट ओरियेंटेड काम करते हैं। माईनिंग में उन्होंने कम समय में काफी काम किया। इसके अलावे उनकी सबसे बड़ी खासियत लो प्रोफाइल में रहना है। वे पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के दामाद हैं। राजीव कुमार जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त थे, तब भी वे लाइमलाइट से दूर लो प्रोफाइल में बने रहे। रजत काफी विनम्र स्वभाव के आईएएस माने जाते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के भी वे प्रिय हैं। सारी खूबियों को देखते हुए रजत को सरकार की छबि चमकाने वाले विभाग का दायित्व सौंपा गया है।
रजत बंसल मुख्यमंत्री से लेकर हाई अथॉरिटी की नजर में इसलिए आए कि उन्होंने माईनिंग में आते ही इतने बड़े-बड़े काम किए, वैसा आज तक नहीं हुआ। माईनिंग में उनके द्वारा किए गए रिफार्म की वजह से सरकार को पिछले तीन महीने में 300 करोड़़ का राजस्व बढ़ गया। माईनिंग में वे ऐसा काम कर रहे कि दलालों और माफियाओं की दाल नहीं गल पाएगी। वे ड्रोन सिस्टम से खनन एरिया की निगरानी कराने जा रहे हैं। ड्रोन का कंट्रोल रायपुर में रहेगा। रायपुर में बैठेक-बैठे पता चल जाएगा कि कहां से कितनी रेत या खनिज को पार किया जा रहा या माइनिंग कंपनियां वास्तविक जगह पर खनन कर रही या रकबा बढ़ाकर माईनिंग कर ले रही।



