ठंड के मौसम में विटामिन डी कमी होना बहुत आम बात है, इसके पीछे का बड़ा कारण है इस मौसम में धूप कम निकलता है। ऐसे में आप डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं…
नईदिल्ली (ए)। कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण सर्दियों में सूरज की रोशनी कम ही नसीब होती है, जिससे हमारे शरीर में विटामिन डी की भारी कमी होने लगती है। विटामिन डी, जिसे ‘सनशाइन विटामिन’ भी कहा जाता है, केवल हड्डियों की मजबूती के लिए ही नहीं, बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होता है।
जब शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिलती, तो थकान, जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी और बार-बार बीमार पड़ने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। चूंकि ठंड में धूप बहुत कम होती है और होती भी है तो घंटों धूप में बैठना हर किसी के लिए संभव नहीं होता, इसलिए आहार के माध्यम से इस कमी को पूरा करना सबसे समझदारी भरा कदम है।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ विशेष खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो ‘विटामिन डी’ के प्राकृतिक और समृद्ध स्रोत हैं। इन सुपरफूड्स को अपनी दैनिक डाइट में शामिल करके आप बिना सप्लीमेंट्स के भी अपने शरीर में विटामिन डी के स्तर को सामान्य बनाए रख सकते हैं और सर्दियों की बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं।
फैटी फिश और अंडे का पीला भाग
मांसाहार करने वालों के लिए फैटी फिश (जैसे सैल्मन, मैकेरल और टूना) विटामिन डी का सबसे बेहतरीन स्रोत हैं। इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य के लिए भी गुणकारी है। वहीं, जो लोग मछली नहीं खाते, वे अंडे का पीला भाग खा सकते हैं। अंडे के सफेद भाग में प्रोटीन होता है, लेकिन विटामिन डी और हेल्दी फैट इसके पीले हिस्से में ही केंद्रित होते हैं।
धूप में उगे हुए मशरूम
शाकाहारी लोगों के लिए मशरूम किसी वरदान से कम नहीं है, विशेषकर वे मशरूम जो सूर्य की रोशनी में उगाए जाते हैं। विज्ञान के अनुसार, मशरूम इंसानों की तरह ही धूप के संपर्क में आने पर प्राकृतिक रूप से विटामिन डी उत्पन्न करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। इन्हें डाइट में शामिल करना सर्दियों में विटामिन डी के स्तर को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने का एक स्वादिष्ट और प्रभावी तरीका है।
पनीर
इसके साथ ही, पनीर भी विटामिन डी और कैल्शियम का एक उत्कृष्ट शाकाहारी विकल्प माना जाता है। पनीर न केवल शरीर को प्रोटीन प्रदान करता है, बल्कि इसमें मौजूद विटामिन डी हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और उन्हें अंदर से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित रूप से पनीर का सेवन करने से मांसपेशियों की कमजोरी दूर होती है और जोड़ों के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
फोर्टिफाइड फूड्स
आजकल बाजार में फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का प्रचलन बढ़ा है। फोर्टिफाइड दूध और दही में अलग से विटामिन डी मिलाया जाता है ताकि शाकाहारी आबादी में इसकी कमी को दूर किया जा सके। रोजाना एक गिलास फोर्टिफाइड दूध पीने से शरीर की दैनिक जरूरत का काफी हिस्सा पूरा हो जाता है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ हड्डियों को पोषण देने का सबसे सरल तरीका है।
आहार और थोड़ी सी धूप का संतुलन
विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए केवल डाइट ही नहीं, बल्कि मौका मिलते ही 15-20 मिनट की ताजी धूप लेना भी जरूरी है। सर्दियों में अपनी डाइट में इन चार सुपरफूड्स को शामिल करें और याद रखें कि विटामिन डी वसा में घुलनशील होता है, इसलिए इसे हेल्दी फैट के साथ लेना अधिक प्रभावी होता है। अगर आपको अत्यधिक थकान महसूस हो, तो एक बार ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है, इस विषय पर डॉक्टर्स की सलाह लेवे।