पीएम मोदी ने पंडवानी गायिका तीजनबाई के परिजन से फोन पर बात कर जाना हालचाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्योत्सव कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नवा रायपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्मविभूषण से सम्मानित तीजनबाई के परिजनों से फोन पर बात कर उनका हालचाल जाना है।

तीजनबाई की बहू वेणु देशमुख ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उनके पास प्रधानमंत्री मोदी के सचिव का फोन आया था। उन्होंने कहा कि ‘आपसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बात करना चाहते हैं।’ मैं उनकी आवाज को सुनकर आश्चर्य में पड़ गई थी। जब मैंने प्रधानमंत्री की आवाज सुनी और उन्हें नमस्ते किया, तो उन्होंने कहा कि ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं।’

उन्होंने बताया कि हम लोगों की करीब 1 मिनट 18 सेकंड तक बात हुई है। बातचीत में प्रधानमंत्री ने तीजनबाई की सेहत के बारे में हमसे पूरी जानकारी ली है और जल्द स्वस्थ होने की भगवान से कामना की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आप लोगों को कहीं मेरी जरूरत होगी तो बताइएगा। हम लोग आपके साथ खड़े हैं।

वेणु देशमुख ने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री को बताया कि उनका स्वास्थ्य काफी खराब है। उनके शरीर में काफी कमजोरी आ गई है, फिर मैंने उनसे कहा कि वे खाना नहीं खा पा रही हैं। उन्हें खाने में दिक्कत होती है, इसलिए सूप बनाकर देते हैं, फिर उन्होंने कहा कि मेरे लायक कुछ काम होगा तो बताना। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे नवा रायपुर में स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं मिलना चाहता था, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं आ सका, इसलिए फोन पर ही हालचाल पूछ रहा हूं।’ इसी बीच दुर्ग कलेक्टर अभिषेक सिंह और एसडीएम भी मेरे घर आए थे और हम लोगों ने बात की है।”

वेणु देशमुख ने बताया कि मैं प्रधानमंत्री मोदी से बात करते समय तीजनबाई बहुत भावुक थी और कुछ नहीं बोल पाई थी, लेकिन अब मैं प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध करती हूं कि मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति इस समय कमजोर है, इसलिए सरकार से निवेदन है कि घर के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए जिससे परिवार का गुजर-बसर ठीक से हो सके।

आपको बता दें कि कला के क्षेत्र में तीजनबाई ने पंडवानी लोककला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। तीजनबाई पंडवानी गायिका हैं। 1980 में तीजन बाई ने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, टर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मॉरीशस की यात्रा की थी और 1988 में पद्मश्री सम्मान मिला था।

इसके साथ ही 1995 में उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। साल 2019 में पद्म विभूषण सहित कई सम्मान से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।

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