आपके पूर्वज गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिलों में रामायण को ले गए: पीएम मोदी

त्रिनिदाद एंड टोबैगो के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रवासी भारतीयों को संबोधित किया। उन्होंने त्रिनिदाद और टोबैगो की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन में आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम में कहा कि हम एक परिवार का हिस्सा हैं। जानिए पीएम मोदी ने और क्या बातें कहीं…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोर्ट ऑफ स्पेन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस से भरी है। उन्होंने एक सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से कहा कि हम एक परिवार का हिस्सा हैं। पीएम मोदी ने कहा, गिरमिटिया बच्चों की पहचान अब संघर्ष से नहीं बल्कि उनकी सफलता, सेवा और मूल्यों से होती है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय प्रवासी हमारा गौरव हैं। पीएम मोदी के साथ इस कार्यक्रम में देश की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर भी मौजूद रहीं।
त्रिनिदाद और टोबैगो के दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के बदले परिदृश्य को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, आज का भारत अवसरों की भूमि है। पूर्वजों की जिजीविषा और संघर्षों को याद कर पीएम मोदी ने कहा, इस बात पर जोर दिया कि प्रवासियों के पूर्वजों ने जो कष्ट झेले, वैसी यातनाएं ‘सबसे मजबूत आत्मबल वाले लोगों को भी तोड़ सकती थीं।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘मैं कुछ समय पहले ही गुनगुनाते पक्षियों की इस खूबसूरत भूमि पर आया हूं। मेरा पहला संवाद यहां के भारतीय समुदाय के साथ है। यह पूरी तरह से स्वाभाविक लगता है क्योंकि हम एक परिवार का हिस्सा हैं… त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय समुदाय की यात्रा साहस से भरी है। आपके पूर्वजों ने जिन परिस्थितियों का सामना किया, उसने सबसे मजबूत आत्माओं को भी तोड़ दिया होगा। लेकिन उन्होंने उम्मीद के साथ कठिनाइयों का सामना किया। उन्होंने समस्याओं का डटकर सामना किया। उन्होंने गंगा और यमुना को पीछे छोड़ दिया, लेकिन अपने दिलों में रामायण को ले गए। उन्होंने अपनी मिट्टी छोड़ी, लेकिन अपना नमक नहीं। वे केवल प्रवासी नहीं थे; वे एक शाश्वत सभ्यता के संदेशवाहक थे। उनके योगदान ने इस देश को सांस्कृतिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित किया है।
पीएम मोदी ने अपनी दो दशक पुरानी यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा, ‘जब मैं पिछली बार आया था, तब से लेकर अब तक 25 साल हो चुके हैं… हमारी दोस्ती और भी मजबूत हुई है। बनारस, पटना, कोलकाता और दिल्ली भले ही भारत के शहर हों, लेकिन यहां की सड़कों के नाम भी हैं। नवरात्रि, महाशिवरात्रि और जन्माष्टमी यहां हर्ष, उल्लास और गर्व के साथ मनाई जाती है। चौताल और भिटक गण यहां खूब फलते-फूलते हैं। मैं यहां कई जाने-पहचाने चेहरों की गर्मजोशी देख सकता हूं। मैं युवा पीढ़ी की चमकीली आंखों में जिज्ञासा देख सकता हूं, जो एक-दूसरे को जानने और साथ मिलकर आगे बढ़ने के लिए उत्सुक हैं। हमारे रिश्ते भूगोल और पीढ़ियों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं।
इससे पहले त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे पीएम मोदी के दौरे की अहमियत को रेखांकित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत के प्रधानमंत्री अपनी ऐतिहासिक यात्रा पर राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर और उनके अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने किया। भारत की तरफ से यह यात्रा ऐतिहासिक है क्योंकि 26 साल बाद कोई प्रधानमंत्री यहां आया है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस देश में कुल 13 लाख लोग रहते हैं। इनमें से 45 फीसदी लोग भारतीय मूल के हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत और त्रिनिदाद एंड टोबैगो के बीच संबंध बहुत मजबूत और खास हैं। यहां रहने वाले 45% लोगों में से ज़्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार से आए लोग हैं। इनमें से अधिकांश लोग भोजपुरी भाषी जिलों जैसे छपरा, आरा, बलिया, सीवान, गोपालगंज, बनारस, आज़मगढ़ से आए हैं।



