बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी पर मचा बवाल, विपक्ष ने कहा- ‘सस्ता करो’

बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी पर BRS ने तेलंगाना सरकार पर हमला किया। BRS प्रवक्ता श्रवण दासोजू ने इसे उपभोक्ताओं पर ‘आर्थिक बोझ’ और सरकार की ‘पूंजीपतियों के साथ सांठगांठ’ बताया…

 

हैदराबाद (ए)। तेलंगाना में बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर बवाल मच गया है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली भारतीय राष्ट्र समिति यानी कि BRS ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। BRS प्रवक्ता श्रवण दासोजू ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से तेलंगाना के लोग ‘बुरी तरह निराश’ हैं, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं पर ‘आर्थिक बोझ’ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम ‘पूंजीपतियों’ के साथ उनकी सांठगांठ की पोल खोलता है। सस्ता करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को लिखे पत्र में श्रवण ने यह भी कहा कि बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी उन लोगों के साथ ‘सरासर विश्वासघात’ है, जिन्होंने चुनाव से पहले तथाकथित सिद्धांतों की बयानबाजी पर भरोसा किया और कांग्रेस को वोट दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की कार्रवाई उसके पाखंड, राजनीतिक अवसरवाद और पूंजीपतियों के साथ लेन-देन की पोल खोलती है।

BRS नेता ने पत्र में लिखा, ‘तेलंगाना के लोग आपकी सरकार द्वारा बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी से बुरी तरह निराश हैं। यह केवल उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ नहीं है, बल्कि उन लोगों के लिए विश्वासघात भी है, जिन्होंने चुनाव से पहले आपके तथाकथित सिद्धांतों पर विश्वास किया और आपको वोट दिया।’

बता दें कि तेलंगाना सरकार ने 11 फरवरी को तेलंगाना बेवरेजेस कॉरपोरेशन लिमिटेड (TGBCL) को बीयर की कीमतों में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की इजाजत दी थी। यह फैसला ब्रुअर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के एक अनुरोध के बाद लिया गया था और यह सब कुछ यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (UBL) द्वारा सप्लाई रोकने के बाद हुआ। श्रवण ने आरोप लगाया कि कुछ हफ्ते पहले राज्य सरकार ने यह वादा किया था कि वह शराब कंपनियों के दबाव में आकर कीमतों में वृद्धि नहीं करेगी और शराब लॉबी राज्य की नीतियों पर प्रभाव नहीं डालेगी, लेकिन अब लग रहा है कि शराब लॉबी ने सरकार को अपनी शर्तों पर झुका लिया है।

श्रवण दासजू ने आगे कहा कि यह कीमत वृद्धि ‘रेवंत रेड्डी टैक्स (RR Tax)’ के रूप में एक साजिश लगती है, जिसे सामान्य आदमी पर थोपकर निजी बीयर उत्पादकों और पूंजीपतियों के फायदे के लिए लागू किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड द्वारा TGBCL को बीयर की सप्लाई बंद करने के तुरंत बाद कीमतों में वृद्धि ने इस बात को संदेहास्पद बना दिया है कि क्या सरकार ने बीयर निर्माताओं के साथ सांठगांठ की है। श्रवण ने सरकार से इस वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button