वाइट हाउस में पीएम मोदी से गले मिले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, कहा- हमने तुम्हें बहुत याद किया…
डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद अपनी पहली अमेरिका यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दौरे के पहले दिन ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की। मुलाकातों का यह सिलसिला अमेरिकी खुफिया सेवाओं की निदेशक तुलसी गबार्ड से आरंभ हुआ और इसके बाद पीएम मोदी ने भारत के मित्र माने जाने वाले अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज से भेंट की। वहीं अब पीएम मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुलाकात के लिए व्हाइट हाउस पहुंचे हैं…
नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, एनएसए अजीत डोभाल और अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा सहित भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी व्हाइट हाउस पहुंचा। व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गले मिले। जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमने तुम्हें बहुत याद किया।”
पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में बातचीत हुई। पीएम मोदी ने इस दौरान ट्रंप को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि न सिर्फ मेरी तरफ से बल्कि भारत की 140 करोड़ जनता की तरफ से आपको जीत की बधाई। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे आप सबसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। मैं आपको आपके भव्य विजय के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं और बहुत शुभकामनाएं देता हूं। ये बहुत सुखद सहयोग हैं कि भारत की जनता ने 60 साल के बाद किसी पीएम को तीसरी बार लगातार देश की सेवा करने का अवसर दिया है और मेरे लिए खुशी की बात है कि मुझे इस कार्यकाल में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फिर एक बार कार्य करने का अवसर मिला है।आपको व्हाइट हाउस में वापस देखकर मुझे खुशी हो रही है। हम साथ मिलकर अपने दोनों देशों की प्रगति और समृद्धि की ओर आगे बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं इस बात की सराहना करता हूं कि वह (राष्ट्रपति ट्रंप) हमेशा अमेरिका के राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च रखते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की तरह, भारत के हितों को सर्वोच्च रखना और काम करना मेरे लिए बहुत बड़ा सौभाग्य है।
व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि जैसे ही मैं इस कमरे में दाखिल हुआ, मेरे दोस्त ने मुझे अहमदाबाद और क्रिकेट स्टेडियम की याद दिला दी, जहां हमने एक बड़ी रैली की थी और अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप और ह्यूस्टन में हाउडी मोदी जैसे कार्यक्रम किए थे। उन कार्यक्रमों की गूंज आज भी भारत और दुनिया में सुनी जा सकती है। कार्यकाल, हम और भी अधिक गति से काम करेंगे। जैसा कि मैंने भारत के लोगों से वादा किया है कि अपने तीसरे कार्यकाल में, हम तीन गुना गति से काम करेंगे, मेरा दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ, अगले 4 वर्षों के दौरान, उनके दूसरे कार्यकाल के दौरान, हम उनके पहले कार्यकाल की तुलना में दोगुनी गति से काम करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जब भी बात आती है तब ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ हर किसी को याद आता है। हर किसी को उसी से प्रेरणा मिलती है। वैसे ही भारत में विकसित भारत 2047 जब भारत के आजादी के 100 साल होंगे तब तक भारत को विकसित बनाने के संकल्प के साथ 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प को आज नई गति मिल रही है। अमेरिका विश्व का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत विशाल लोकतंत्र है, इसलिए हम दोनों का मिलने का मतलब 1+1 = 2 नहीं बल्कि 1 और 1= 11 होता है ये ताकत विश्व के कल्याण में काम आएगी।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जहां तक रूस और यूक्रेन की लड़ाई का मतलब है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन से बात की है। दुनिया का नजरिया है कि भारत न्यूट्रल है, लेकिन मैं बता दूं कि भारत न्यूट्रल नहीं है, भारत का अपना पक्ष है शांति। पहले दिन से ही मैंने राष्ट्रपति पुतिन से कहा है कि समस्याओं का समाधान युद्ध से नहीं निकलता है। वह टेबल पर चर्चा करके ही निकलता है। शांति के प्रयास का हम पूरी तरह से समर्थन करते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति का जो इनिशिएटिव लिया है। मैं उसका पूरी तरह से समर्थन करता हूं।
व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री मोदी का हमारे साथ होना बहुत सम्मान की बात है। वे लंबे समय से मेरे अच्छे मित्र हैं। हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध रहे हैं और हमने अपने 4 साल के कार्यकाल के दौरान इस संबंध को बनाए रखा। हमने अभी फिर से शुरुआत की है। मुझे लगता है कि हमारे पास बात करने के लिए कुछ बहुत बड़ी चीजें हैं। नंबर 1-यह है कि वे हमारे बहुत सारे तेल और गैस खरीदने जा रहे हैं। हमारे पास दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक तेल और गैस है। उन्हें इसकी आवश्यकता है, और हमारे पास यह है। हम व्यापार के बारे में बात करने जा रहे हैं। हम कई चीजों के बारे में बात करने जा रहे हैं। लेकिन आपसे मिलना वास्तव में सम्मान की बात है, आप लंबे समय से मेरे मित्र हैं। शानदार काम करने के लिए बधाई। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी एक महान नेता हैं। वह बड़े काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका का एक साथ रहना जरूरी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि किसी भी चीज़ से ज़्यादा, हम (पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप) में बहुत एकता है, हमारी बहुत अच्छी दोस्ती है। मुझे लगता है कि यह और भी नज़दीकी होने जा रहा है। लेकिन यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम देश के रूप में एकजुट रहें। हम दोस्त हैं और हम ऐसे ही बने रहेंगे।
इस दौरान यदि आप भारत के साथ व्यापार पर सख्त रुख अपनाएंगे तो चीन से कैसे लड़ेंगे’ के सवाल पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम किसी को भी हराने के लिए बहुत अच्छी स्थिति में हैं। लेकिन हम किसी को हराने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, हम वाकई अच्छा काम करना चाहते हैं। हमने अमेरिकी लोगों के लिए शानदार काम किया है। हमारे 4 साल बहुत अच्छे रहे और हमें एक भयानक प्रशासन ने बाधित किया…अब, हम इसे फिर से एक साथ ला रहे हैं। मुझे लगता है कि यह पहले की तुलना में बहुत मजबूत होने जा रहा है या पहले की तुलना में और भी अधिक मजबूत होने जा रहा है।
द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं व्हाइट हाउस में पीएम मोदी का स्वागत करते हुए रोमांचित हूं। हम यहां और भारत में भी काफी समय बिताते हैं। हमने 5 साल पहले आपके खूबसूरत देश की यात्रा की थी वह एक अविश्वसनीय समय था। दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र – अमेरिका और भारत के बीच एक विशेष बंधन है। आज, पीएम मोदी और मैं संबंधों को और मजबूत करने के लिए रूपरेखा की घोषणा कर रहे हैं।
आगे बोलते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने भारत में न्याय का सामना करने के लिए साजिशकर्ताओं (तहव्वुर राणा) और दुनिया के सबसे बुरे लोगों में से एक के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। उसका संबंध 2008 के भयानक मुंबई आतंकवादी हमले से है। वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उर्जा समझौते पर सहमति का एलान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मौदी और मैं ऊर्जा पर एक महत्वपूर्ण समझौते पर भी पहुंचे हैं। जो अमेरिका को भारत के लिए तेल और प्राकृतिक गैस का अग्रणी आपूर्तिकर्ता, उम्मीद है कि नंबर 1 आपूर्तिकर्ता बना देगा। अमेरिकी परमाणु उद्योग के लिए अभूतपूर्व विकास में, भारत अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी का स्वागत करने के लिए कानूनों में भी सुधार कर रहा है, जो भारतीय बाजार में उच्चतम स्तर पर है।
वहीं, साझा बयान के दौरान पीएम मोदी ने गर्मजोशी भरे स्वागत और आतिथ्य के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मैं गर्मजोशी से किए गए स्वागत और शानदार आतिथ्य के लिए अपने मित्र डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देता हूं। राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को संजोया है और अपने नेतृत्व के जरिए इसे जीवंत बनाया है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान हमने साथ मिलकर काम किया था, वही उत्साह, ऊर्जा और समर्पण मैंने आज भी अनुभव किया। आज की चर्चा में हमने उनके पहले कार्यकाल के दौरान अपनी उपलब्धियों और गहरे आपसी विश्वास के बारे में बात की और नए लक्ष्य हासिल करने का संकल्प भी लिया। भारत और अमेरिका मिलकर एक बेहतर दुनिया को आकार दे सकते हैं।
वहीं, आगे पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमेरिका के लोग MAGA – मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। भारत के लोग भी विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिका की भाषा में कहें तो यह मेक इंडिया ग्रेट अगेन – MIGA है। जब अमेरिका और भारत एक साथ काम करते हैं, तो यह MEGA प्लस MIGA ‘समृद्धि के लिए मेगा साझेदारी’ बन जाती है। आज, हमने 2030 तक अपने व्यापार को दोगुना करने का फैसला किया है।
आंतकवाद को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एक साथ रहे हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि सीमा के दूसरी ओर उत्पन्न होने वाले आतंकवाद को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई की जानी चाहिए। मैं राष्ट्रपति का आभारी हूं कि उन्होंने एक अपराधी को भारत प्रत्यर्पित करने का फैसला किया है जिसने 2008 में भारत में नरसंहार किया था। भारत की अदालतें इसके खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगी।
अवैध आप्रवासन मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग अवैध रूप से दूसरे देशों में रहते हैं, उन्हें वहां रहने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। जहां तक भारत और अमेरिका का सवाल है, हमने हमेशा कहा है कि जो लोग सत्यापित हैं और वास्तव में भारत के नागरिक हैं, अगर वे अवैध रूप से अमेरिका में रहते हैं, तो भारत उन्हें वापस लेने के लिए तैयार है।
उन्होंने मानव तस्करी पर बोलते हुए कहा कि ये सामान्य परिवारों के लोग हैं। इन्हें बड़े सपने दिखाए जाते हैं और उनमें से ज्यादातर ऐसे हैं जिन्हें गुमराह किया जाता है और यहां लाया जाता है। इसलिए, हमें मानव तस्करी के इस पूरे तंत्र पर हमला करना चाहिए। अमेरिका और भारत का प्रयास होना चाहिए कि हम ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र को जड़ से नष्ट कर दें ताकि मानव तस्करी समाप्त हो जाए। हमारी लड़ाई उस पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ है। हमें विश्वास है कि राष्ट्रपति ट्रम्प मानव तस्करी करने वाले इस पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने में भारत का पूरा सहयोग करेंगे।
साझा बयान के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को भारत आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत के लोग आज भी राष्ट्रपति ट्रंप की 2020 की यात्रा को याद करते हैं। उन्हें उम्मीद है कि आप उन्हें दोबारा देखेंगे। भारत के 140 करोड़ लोगों की ओर से मैं आपको भारत आने के लिए आमंत्रित करता हूं।



