माइक्रोफाइनेंस कंपनियां अपने सेल्स और लोन रिकवरी एजेंटों की गतिविधियों पर रखें सख्त निगरानी: SP भावना गुप्ता

पेंड्रा। जिले में सक्रिय माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC), और बैंकिंग सेक्टर की गतिविधियों को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आज पुलिस अधीक्षक आईपीएस भावना गुप्ता ने एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक में माइक्रोफाइनेंस और NBFC प्रबंधकों के साथ-साथ विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने भाग लिया।

1. सेल्स और लोन रिकवरी एजेंटों की गतिविधियों पर नियंत्रण: पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने सभी कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अपने सेल्स और लोन रिकवरी एजेंटों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखें। किसी भी प्रकार की अवैधानिक गतिविधि, जैसे ग्राहकों को धमकाना, जबरन वसूली, या अनुचित ब्याज वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित प्रबंधकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

2. बैंकों और वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा:

पुलिस अधीक्षक ने बैंक शाखाओं और माइक्रोफाइनेंस कार्यालयों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:

सुरक्षा ऑडिट: सभी वित्तीय संस्थानों को नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश।

सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम: सभी कार्यालयों में सीसीटीवी और अलार्म सिस्टम का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए।

परिसर में प्रकाश व्यवस्था: रात्रिकालीन समय में प्रकाश की उचित व्यवस्था हो।

सायरन और सुरक्षा गार्ड: आपात स्थिति के लिए सायरन और प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड अनिवार्य।

3. अनधिकृत माइक्रोफाइनेंस कंपनियों की पहचान: जिले में संचालित ऐसी माइक्रोफाइनेंस और NBFC कंपनियों की जांच की जाएगी, जो आरबीआई या अन्य नियामक संस्थाओं द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं। इन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

4. सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप ग्रुप: पुलिस, प्रशासन, और वित्तीय संस्थानों के प्रमुख सदस्यों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा।

5. ग्राहकों के हितों की रक्षा: बैठक में यह सुनिश्चित किया गया कि सभी वित्तीय गतिविधियां पारदर्शी हों और ग्राहकों के अधिकारों का संरक्षण किया जाए। अवैध वसूली या धोखाधड़ी के मामलों में तत्काल और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता का संदेश: “हमारा उद्देश्य जिले में वित्तीय गतिविधियों को कानून के दायरे में पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या ग्राहकों के शोषण की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

आगामी कदम: अगले 15 दिनों में सभी संस्थानों से सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट मांगी जाएगी। आरबीआई से मान्यता प्राप्त और अनधिकृत कंपनियों की सूची तैयार कर कार्रवाई शुरू होगी।ग्राहकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

संपर्क करें: यदि कोई वित्तीय धोखाधड़ी या अवैध गतिविधि की शिकायत हो, तो जिले की समाधान हेल्प लाइन नंबर 9479191792 या नजदीकी पुलिस ईकाई से संपर्क करें।

इस बैठक में जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल, डीएसपी साइबर दीपक मिश्रा, सहायक उप निरीक्षक साइबर सेल मनोज हनोतिया, प्रधान आरक्षक सुखसागर खूटे और प्रधान आरक्षक दिलीप बंजारे उपस्थित रहे जिनके द्वारा बैठक में उपस्थित सभी माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के एनबीएफसी के रूप में आरबीआई की साइट पर पंजीकरण चेक किया गया तथा उनके ऑपरेशंस और कार्य पद्धति को समझने के लिए दस्तावेज प्राप्त कर अग्रिम जांच किया जा रहा है। यह बैठक जिले में वित्तीय पारदर्शिता, ग्राहक संरक्षण, और वित्तीय संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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