17 बच्चों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से किया सम्मानित

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की ओर से आज 7 कैटगरी- कला और संस्कृति बहादुरी इनोवेशन शैक्षणिक पर्यावरण सामाजिक सेवा और खेल ले अंतर्गत कुल 17 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किये गए। इस पुरस्कार के स्वरूप में बच्चों को एक सर्टिफिकेट एवं 1 लाख रुपये नकद की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। आपको बता दें कि इस पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1996 में की गई थी…
नईदिल्ली (ए)। देश में प्रतिवर्ष असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं। यह पुरस्कार कुल 7 श्रेणियों कला और संस्कृति, बहादुरी, इनोवेशन, शैक्षणिक, पर्यावरण, सामाजिक सेवा और खेल के लिए प्रदान किया जाते है। गुरुवार को वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा प्रदान किया गया।
राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में 17 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से किया सम्मानित किया। जानकारी के लिए बता दें कि इस बार 14 राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के 17 बच्चों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया था। इनमें 7 लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं। पुरस्कार सेरेमनी का आयोजन राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र, नई दिल्ली में किया गया था।
राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चुने गए बच्चों को एक सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है और साथ ही 1 लाख रुपये नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किया जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 3 साल के शतरंज प्लेयर अनिश सरकार सहित सौरभ कुमार, अयान साजाद, सिंधुरा राजा, ऋषिक कुमार, व्यास, ओम, जिग्नेश कुछ प्रमुख नाम हैं। कुल 17 बच्चों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
उन्होंने बच्चों को उनके असाधारण काम और उपलब्धियों के लिए बधाई दी और कहा कि उनमें असीमित क्षमताएं हैं और उनमें अतुलनीय गुण हैं, जिन्होंने देश के अन्य सभी बच्चों के लिए एक उदाहरण स्थापित किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कि 2047 में, जब भारत स्वतंत्रता की शताब्दी मनाएगा, पुरस्कार विजेता देश के प्रबुद्ध नागरिक होंगे, उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली लड़के और लड़कियां विकसित भारत के निर्माता बनेंगे।
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 1996 में की गई थी। तबसे लेकर अब तक प्रतिवर्ष 7 कैटेगरी के तहत बच्चों को पुरस्कार प्रदान किये जाते हैं। आपको बता दें कि बहादुरी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार कैटेगरी को वर्ष 2018 में जोड़ा गया था।



