मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने बचपन के स्कूली शिक्षक से मिलकर हुए भाव विभोर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने बचपन के स्कूली शिक्षक राजेश्वर पाठक से मुलाकात कर भाव विभोर हो गए। उन्होंने अपने स्कूल के दिनों को याद किया और अपने शिक्षक का चरण स्पर्श कर अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूजनों का ही आशीर्वाद है कि मैं यहां तक पहुंच पाया हूँ ऐसा कहते हुए उन्होंने अपने शिक्षक से फिर से आशीर्वाद मांगा और उनके शिक्षक ने भी पूरे दिल से आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय को स्कूल पढ़ाने वाले 94 वर्षीय शिक्षक श्री राजेश्वर पाठक ने बताया कि जब वे लोयला उच्चतर माध्यमिक शाला कुनकुरी में पढ़ाया करते थे तब मुख्यमंत्री श्री साय छात्र हुआ करते थे। वे बचपन से ही बहुत प्रतिभावान, आज्ञाकारी और विनम्र स्वाभाव के थे। सौम्यता और सरलता उनकी विशिष्ट पहचान थी। जब वे सांसद थे तब भी और मुख्यमंत्री बनने के बाद, जब भी वे मिले तो उनमें वही विनम्रता और वही सम्मान का भाव दिखा जो अद्भुत है।
मुख्यमंत्री श्री साय के हाथो दिव्यांगजनों को मिला निःशुल्क बस पास: दिव्यांग जनों के जीवन को आसान और सुखमय बनाने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के ग्राम बगिया में 07 दिव्यांगों को निःशुल्क बस पास वितरित कर उन्हें शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिव्यांग लक्ष्मी बाई, विकास नायक, तिजनु राम, देव कुमार चौहान, संध्या सिदार, सोनम सिदार, सुशीला तिग्गा, सुशीला बाई नायक, पूजा नारंगे सहित वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क बस पास वितरित किए। पहली बार सिकलसेल से पीड़ित 18 वर्षीय सोनम सिदार एवं 08 वर्षीय बालक देव कुमार चौहान को भी बस पास प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत ‘दिव्यांगजन निःशुल्क बस-यात्रा पास’ का प्रावधान किया गया है। जिसमें परिवहन विभाग के समन्वय से दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क बस-यात्रा पास तथा रेल यात्रा हेतु रियायत प्रमाण पत्र बनाये जाते हैं।
सिकलसेल बीमारी से ग्रसित चराईडांड निवासी सोनम सिदार ने कहा कि उन्हें ईलाज के लिए बार बार जशपुर या अन्य बड़े शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ता था। निःशुल्क बस पास मिल जाने से उनके आने जाने के खर्च की दिक्कत खत्म हो जाएगी और उनकी पढ़ाई भी नियमित रूप से हो सकेगी।
अस्थिबाधित दिव्यांग विकास नायक ने कहा कि पहले वे कहीं आने जाने में दिक्कत महसूस करते थे। ऐसे में निःशुल्क बस पास मिलने से ना सिर्फ राज्य अपितु दूसरे राज्य में भी आना जाना कर सकेंगे। उन्होंने निःशुल्क बस पास के लिए मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया।



