01 जुलाई से IPC की धारा सहित बदल जायेंगे ये सभी नियम, जिसको आपके लिए जनना है बहुत जरूरी

जुलाई में कई नियम बदलेंगे। इनमें से एक पीएनबी से जुड़ा है। पीएनबी ने कहा है कि 30 अप्रैल 2024 तक जिन खातों को 3 साल से इस्तेमाल नहीं किया गया है, उन्हें बंद कर दिया जाएगा। इसकी डेडलाइन 30 जून 2024 है…

 

नईदिल्ली (ए)। लगभग हर महीने कुछ फाइनेंशियल नियमों में बदलाव होते हैं। साथ ही कुछ नए नियम भी लागू होते हैं। अब दो दिन बाद जुलाई का महीना शुरू होने जा रहा है। जुलाई में भी कई नियमों में बदलाव होगा। ये नियम डिजिटल वॉलेट, क्रेडिट कार्ड और गैस सिलेंडर से जुड़े हैं। अगले महीने कुछ अहम डेडलाइन भी हैं। आइए जानते हैं जुलाई में होने जा रहे बदलावों और डेडलाइन के बारे में।

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी

1 जुलाई से मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के नियम बदलेंगे। यदि सिम कार्ड चोरी या डैमेज हो जाए तो लॉकिंग पीरिएड सात दिन का होगा। यानी आपको नई सिम 7 दिन बाद मिलेगी।

महंगा होगा रिचार्ज

जियो, एयरटेल और वीआई ने प्लान महंगे कर दिए हैं। अगले महीने से मोबाइल रिचार्ज महंगा हो जाएगा।

सिलेंडर के दाम

हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर (कमर्शियल और घरेलू) के नए दाम जारी होते हैं। इनमें बढ़ोतरी या कटौती हो सकती है।

क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट के नियम

1 जुलाई से क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट के नए नियम लागू होने जा रहा है। नए नियमों के तहत सभी बैंकों को क्रेडिट कार्ड पेमेंट भारत बिल पेमेंट सिस्टम के जरिए प्रोसेस करनी होगी।

पीएनबी खाताधारकों के लिए बड़ी खबर

पीएनबी ने कहा है कि 30 अप्रैल 2024 तक जिन खातों को 3 साल से इस्तेमाल नहीं किया गया है, उन्हें बंद कर दिया जाएगा। इसकी डेडलाइन 30 जून 2024 है।

पेटीएम वॉलेट

पेटीएम पेमेंट्स बैंक ने ऐलान किया है कि 20 जुलाई, 2024 को जीरो बैलेंस वाले और पिछले साल या उससे अधिक समय से कोई लेनदेन न करने वाले इनएक्टिव वॉलेट बंद कर दिए जाएंगे। ऐसे सभी प्रभावित यूजर्स को मैसेज भेजा जाएगा और उन्हें अपना वॉलेट बंद करने से पहले 30 दिनों का नोटिस पीरियड दिया जाएगा।

एसबीआई कार्ड क्रेडिट कार्ड नियम

एसबीआई कार्ड ने ऐलान किया है कि 1 जुलाई, 2024 से कुछ क्रेडिट कार्ड के लिए सरकारी लेनदेन पर रिवॉर्ड पॉइंट मिलना बंद हो जाएगा। इन कार्ड्स में एयर इंडिया एसबीआई प्लेटिनम कार्ड, एयर इंडिया एसबीआई सिग्नेचर कार्ड, सेंट्रल एसबीआई सेलेक्ट+ कार्ड, चेन्नई मेट्रो एसबीआई कार्ड, क्लब विस्तारा एसबीआई कार्ड, क्लब विस्तारा एसबीआई कार्ड प्राइम और दिल्ली मेट्रो एसबीआई कार्ड शामिल हैं।
एसबीआई कार्ड की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, उन एसबीआई क्रेडिट कार्ड की लिस्ट जहां 15 जुलाई, 2024 से सरकारी संबंधित लेनदेन पर रिवॉर्ड पॉइंट लागू नहीं होंगे:

एयर इंडिया एसबीआई प्लेटिनम कार्ड
एयर इंडिया एसबीआई सिग्नेचर कार्ड
सेंट्रल एसबीआई सेलेक्ट+ कार्ड
चेन्नई मेट्रो एसबीआई कार्ड
क्लब विस्तारा एसबीआई कार्ड
क्लब विस्तारा एसबीआई कार्ड प्राइम
दिल्ली मेट्रो एसबीआई कार्ड
एतिहाद गेस्ट एसबीआई कार्ड
एतिहाद गेस्ट एसबीआई प्रीमियर कार्ड
फैबइंडिया एसबीआई कार्ड
फैबइंडिया एसबीआई कार्ड सेलेक्ट
आईआरसीटीसी एसबीआई कार्ड
आईआरसीटीसी एसबीआई कार्ड प्रीमियर
मुंबई मेट्रो एसबीआई कार्ड
नेचर बास्केट एसबीआई कार्ड
नेचर बास्केट एसबीआई कार्ड इलीट
ओला मनी एसबीआई कार्ड
पेटीएम एसबीआई कार्ड
पेटीएम एसबीआई कार्ड सेलेक्ट
रिलायंस एसबीआई कार्ड
रिलायंस एसबीआई कार्ड प्राइम
यात्रा एसबीआई कार्ड

आईसीआईसीआई बैंक क्रेडिट कार्ड चार्जेज

आईसीआईसीआई बैंक ने 1 जुलाई, 2024 से कई क्रेडिट कार्ड सर्विसेज में संशोधन की घोषणा की है। इनमें से एक है सभी कार्डों (एमराल्ड प्राइवेट मेटल क्रेडिट कार्ड को छोड़कर) पर कार्ड रिप्लेसमेंट चार्ज को 100 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये करना।
बैंक कई चार्ज भी खत्म कर रहा है। इनमें चेक या कैश पिक अप चार्ज, चार्ज स्लिप रिक्वेस्ट पर लगने वाला चार्ज, डायल-ए-ड्राफ्ट (ट्रांजेक्शन फीस), आउटस्टेशन चेक प्रोसेसिंग फीस और डुप्लिकेट स्टेटमेंट रिक्वेस्ट (3 महीने से अधिक) शामिल हैं।

ITR की डेडलाइन

वित्त वर्ष 2023-24 (AY 2024-25) के लिए ITR फाइल करने की समयसीमा 31 जुलाई, 2024 है। हालाँकि, यदि आप समयसीमा तक जमा करने में विफल रहते हैं, तो भी आप 31 दिसंबर, 2024 तक लेट रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

सिटी बैंक क्रेडिट कार्ड

एक्सिस बैंक ने सिटी बैंक क्रेडिट कार्ड यूजर्स को क्रेडिट कार्ड खातों समेत सभी रिलेशनशिप्स को माइग्रेट करने के बारे में सूचित किया है, जो 15 जुलाई, 2024 तक पूरा होने की उम्मीद है। सिटीबैंक क्रेडिट कार्ड अब एक्सिस क्रेडिट कार्ड बन जाएंगे।

PFRDA का नया नियम

पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने ट्रस्टी बैंक (TB) द्वारा किसी भी सेटलमेंट वाले दिन पर प्राप्त NPS योगदान के लिए समयसीमा को कम कर दिया है। अब इसे उसी दिन निवेश (T+0) के लिए माना जाएगा।

सिम कार्ड

एक जुलाई से अगर मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के नियम बदल जाएंगे. टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने सिम स्वैप फ्रॉड को रोकने के लिए सिम कार्ड चोरी होने या डैमेज होने की स्थिति में लॉकिंग पीरिएड को सात दिन तक बढ़ा दिया है. मतलब अब एक दम आपको सिम नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए सात दिन इंतजार करना होगा।

तीन अपराधिक कानून

देश में अंग्रेजों के जमाने से चल रहे तीन आपराधिक कानून 1 जुलाई से बदल जाएंगे। दिसंबर 2023 में संसद द्वारा पारित तीन कानून अगले महीने से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे। तीनों नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम कहे जाएंगे, जो क्रमश: भारतीय दंड संहिता (1860), आपराधिक प्रक्रिया संहिता (1898) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (1872) का स्थान लेंगे।

पहले जानते हैं कि भारतीय न्याय संहिता में क्या बदला है?
भारतीय दंड संहिता में 511 धाराएं थीं, लेकिन भारतीय न्याय संहिता में धाराएं 358 रह गई हैं। संशोधन के जरिए इसमें 20 नए अपराध शामिल किए हैं, तो 33 अपराधों में सजा अवधि बढ़ाई है। 83 अपराधों में जुर्माने की रकम भी बढ़ाई है। 23 अपराधों में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान है। छह अपराधों में सामुदायिक सेवा की सजा का प्रावधान किया गया है।

बता दें कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को 12 दिसंबर 2023 को केंद्र सरकार ने लोकसभा में तीन संशोधित आपराधिक विधियकों को पेश किया था। इन विधेयकों को लोकसभा ने 20 दिसंबर, 2023 को और राज्यसभा ने 21 दिसंबर, 2023 को मंजूरी दी। राज्यसभा में विधेयकों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पेश किए जाने के बाद ध्वनि मत से पारित किया गया था। इसके बाद 25 दिसंबर, 2023 को राष्ट्रपति से मंजूरी के बाद विधेयक कानून बन गए लेकिन इनके प्रभावी होने की तारीख 1 जुलाई, 2024 रखी गई। संसद में तीनों विधेयकों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि इनमें सजा देने के बजाय न्याय देने पर फोकस किया गया है।

अब जानते हैं अहम धाराओं में बदलाव
धारा 124:
 आईपीसी की धारा 124 राजद्रोह से जुड़े मामलों में सजा का प्रावधान रखती थी। नए कानूनों के तहत ‘राजद्रोह’ को एक नया शब्द ‘देशद्रोह’ मिला है यानी ब्रिटिश काल के शब्द को हटा दिया गया है। भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 7 में राज्य के विरुद्ध अपराधों कि श्रेणी में ‘देशद्रोह’ को रखा गया है।

धारा 144: आईपीसी की धारा 144 घातक हथियार से लैस होकर गैरकानूनी सभा में शामिल होना के बारे में थी। इस धारा को भारतीय न्याय संहिता के अध्याय 11 में सार्वजनिक शांति के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में रखा गया है। अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 187 गैरकानूनी सभा के बारे में है।

धारा 302: पहले किसी की हत्या करने वाला धारा 302 के तहत आरोपी बनाया जाता था। हालांकि, अब ऐसे अपराधियों को धारा 101 के तहत सजा मिलेगी। नए कानून के अनुसार, हत्या की धारा को अध्याय 6 में मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराध कहा जाएगा।

धारा 307: नए कानून के अस्तित्व में आने से पहले हत्या करने के प्रयास में दोषी को आईपीसी की धारा 307 के तहत सजा मिलती थी। अब ऐसे दोषियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत सजा सुनाई जाएगी। इस धारा को भी अध्याय 6 में रखा गया है।

धारा 376: दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को पहले आईपीसी की धारा 376 में परिभाषित किया गया था। भारतीय न्याय संहिता में इसे अध्याय 5 में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध की श्रेणी में जगह दी गई है। नए कानून में दुष्कर्म से जुड़े अपराध में सजा को धारा 63 में परिभाषित किया गया है। वहीं सामूहिक दुष्कर्म को आईपीसी की धारा 376 डी को नए कानून में धारा 70 में शामिल किया गया है।

धारा 399: पहले मानहानि के मामले में आईपीसी की धारा 399 इस्तेमाल की जाती थी। नए कानून में अध्याय 19 के तहत आपराधिक धमकी, अपमान, मानहानि, आदि में इसे जगह दी गई है। मानहानि को भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 में रखा गया है।

धारा 420: भारतीय न्याय संहिता में धोखाधड़ी या ठगी का अपराध 420 में नहीं, अब धारा 316 के तहत आएगा। इस धारा को  भारतीय न्याय संहिता में अध्याय 17 में संपत्ति की चोरी के विरूद्ध अपराधों की श्रेणी में रखा गया है।

दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की जगह अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ने ले ली है। सीआरपीसी की 484 धाराओं के बदले भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में 531 धाराएं हैं। नए कानून के तहत 177 प्रावधान बदले गए हैं जबकि नौ नई धाराएं और 39 उपधाराएं जोड़ी हैं। इसके अलावा 35 धाराओं में समय सीमा तय की गई है।

वहीं, नए भारतीय साक्ष्य अधिनियम में 170 प्रावधान हैं। इससे पहले वाले कानून में 167 प्रावधान थे। नए कानून में 24 प्रावधान बदले हैं।

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