मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को चेट्रीचण्ड्र की दी बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान झूलेलाल जी की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर सिंधी समाज को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान झूलेलाल जी समरसता, सहिष्णुता और जल संरक्षण के प्रतीक हैं। उनकी शिक्षाएँ आज भी मानवता को जोड़ने का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) सिंधी समाज का प्रमुख सांस्कृतिक पर्व है, जो न केवल झूलेलाल जी की जयंती के रूप में, बल्कि नववर्ष के रूप में भी पूरे उल्लास और आस्था के साथ मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना की और कहा कि ऐसे पर्व सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव को सुदृढ़ करते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की पुण्यतिथि (20 मार्च) पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी साहस, स्वाभिमान और बलिदान की प्रतीक हैं। उनका नाम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में अमर वीरांगनाओं में स्वर्णाक्षरों में अंकित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का डटकर विरोध किया। उन्होंने अपने राज्य और मातृभूमि की रक्षा के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष किया और स्वाधीनता के लिए बलिदान दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रानी अवंती बाई नारी शक्ति और सामाजिक चेतना का प्रतीक थीं। उन्होंने समाज को जागरूक करने का कार्य किया और न केवल महिलाओं बल्कि पूरे राष्ट्र को संघर्ष की राह दिखाई। उनकी वीरता, बलिदान और नेतृत्व क्षमता भारत के इतिहास में नारी सशक्तिकरण का अमिट उदाहरण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत का इतिहास वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा हुआ है। रानी अवंती बाई लोधी जैसी महान नारियों की कहानियाँ हमें आज भी राष्ट्रभक्ति, त्याग और साहस की प्रेरणा देती हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि आत्मसम्मान और मातृभूमि की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे रानी अवंती बाई को लोधी के आदर्शों से प्रेरणा लें और उनके बलिदान को स्मरण कर देश और समाज के उत्थान में अपना योगदान दें।

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