भारत तीसरी बार बना टी20 विश्व चैंपियन, न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों हराकर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया टी20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई है। वहीं पहली बार होम टीम ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया है। इससे पहले मेजबानी करते हुए कोई भी टीम टी20 वर्ल्ड कप का खिताब नहीं जीत पाई थी…

अहमदाबाद (ए)। भारत ने शानदार प्रदर्शन कर टी20 विश्वकप 2026 अपने नाम कर लिया है। फाइनल में न्यूजीलैंड को एक तरफा मात देते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भारतीय बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन कर न्यूजीलैंड को 96 रन के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए कई रिकॉर्ड्स अपने नाम कर लिया है। भारत पहली टीम है जो लगातार दूसरी बार टी20 विश्वकप जीता है। भारत ने न्यूजीलैंड को अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में हराकर खिताब जीत लिया है। भारत के 255 रन के जवाब में न्यूजीलैंड 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई।

इससे पहले टीम 2007 में पहले संस्करण और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में खिताब जीती थी। सूर्यकुमार यादव का भी नाम विश्व विजेता कप्तानों में शुमार हो गया है।भारत के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। जसप्रीत बुमराह ने चार, अक्षर पटेल ने तीन, वरुण चक्रवर्ती, अभिषेक शर्मा और हार्दिक पांड्या ने एक एक विकेट लिए।

भारत ने न्यूजीलैंड के सामने 256 रन का लक्ष्य रखा था। इस मैच में टीम इंडिया ने रिकॉर्ड्स की बारिश कर दी है। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 255 रन बनाए। भारत एक समय 300 रन बनाती हुई दिख रही थी, लेकिन 16वें ओवर में नीशम ने तीन झटके दिए और इससे रन गति धीमी पड़ गई। भारत का स्कोर 15वें ओवर के बाद एक विकेट पर 203 रन था।

इसके बाद 16वें ओवर में टीम इंडिया ने संजू सैमसन, ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के विकेट गंवाए। इस ओवर में एक रन बना। फिर 17वें ओवर में सात रन और 18वें ओवर में नौ रन बने। 19वें ओवर में हार्दिक पांड्या आउट हुए और 11 रन बने। हालांकि, आखिरी ओवर में शिवम दुबे का बल्ला चला और इसकी वजह से टीम 250 के पार पहुंच सकी। दुबे आठ गेंद में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 26 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने आखिरी यानी 20वें ओवर में 24 रन बटोरे।

भारत को संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई। अभिषेक ने फॉर्म में वापसी की और फाइनल में उनका बल्ला चला। उन्होंने 21 गेंद में छह चौके और तीन छक्के की मदद से 52 रन की पारी खेली। संजू के साथ अभिषेक ने 43 गेंद में 98 रन की ओपनिंग साझेदारी की। अभिषेक को रचिन रवींद्र ने आउट किया। फिर संजू ने ईशान किशन के साथ दूसरे विकेट के लिए 48 गेंद में 105 रन की साझेदारी निभाई।

सैमसन ने लगातार तीसरा अर्धशतक लगाया। वहीं, ईशान किशन ने भी फिफ्टी पूरी की। हालांकि, 16वें ओवर में दोनों आउट हो गए। सैमसन फिर शतक से चूक गए। वह 46 गेंद में पांच चौके और आठ छक्के की मदद से 89 रन बनाकर आउट हुए। वहीं, ईशान ने 25 गेंद में चार चौके और चार छक्के की मदद से 54 रन की पारी खेली।

हार्दिक 13 गेंद में 18 रन बना सके, जबकि सूर्यकुमार खाता नहीं खोल पाए। तिलक छह गेंद में आठ रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड की ओर से नीशम ने तीन विकेट झटके, जबकि मैट हेनरी और रचिन को एक-एक विकेट मिला। भारत का 255/5 का स्कोर टी20 विश्वकप फाइनल में सबसे बड़ा स्कोर है। भारत ने खुद का दो साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। 2024 टी20 विश्वकप के फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात विकेट पर 176 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी करने के लिए निमंत्रण दिया था।

11वें ओवर में अर्शदीप और डेरिल मिचेल के बीच नोकझोंक देखने को मिली। ओवर की पांचवीं गेंद पर मिचेल डिफेंसिव शॉट खेला और गेंद बाउंस करते हुए अर्शदीप के पास पहुंची। अर्शदीप ने फॉलो थ्रू में गेंद मिचेल के जांघ पर मार दी। इससे मैदान में थोड़ी देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।

अर्शदीप सिंह ने ऑफ स्टंप के बाहर वाइड यॉर्कर डाली, जिसे डेरिल मिचेल ने सीधे पिच की तरफ खेल दिया। इसके बाद अर्शदीप ने विकेट की ओर थ्रो मारने की कोशिश की, लेकिन गेंद मिचेल की जांघ (थाई) पर जा लगी। इससे मिचेल काफी नाराज हो गए और वह आक्रामक अंदाज में अर्शदीप की ओर बढ़ते हुए हाथों से इशारे करते नजर आए। स्थिति थोड़ी गरम होती दिखी, तभी सूर्यकुमार यादव बीच में आए और मिचेल के कंधे पर हाथ रखकर उनसे बात करते हुए माहौल को शांत करने की कोशिश की। उधर अंपायर ने भी अर्शदीप सिंह से बात की। दरअसल, वह थ्रो बिल्कुल जरूरी नहीं था, इसलिए इस पर मैदान पर थोड़ी बहस देखने को मिली।

टी20 विश्वकप के दौरान टी20 क्रिकेट में बड़े स्कोर की बरसात देखने को मिली। खासतौर पर भारत ने 250 से ज्यादा के कई स्कोर बनाकर नए रिकॉर्ड कायम किए। टी20 वर्ल्ड कप में लंबे समय तक सबसे बड़ा स्कोर 2007 में श्रीलंका का 260/6 रहा। हालांकि 2026 टूर्नामेंट में बल्लेबाजों ने जबरदस्त आक्रामकता दिखाई। भारत ने दो बार 250 से ज्यादा स्कोर बनाया, जबकि सेमीफाइनल में दोनों टीमों ने 240 से ऊपर रन बना दिए। इससे साफ दिखता है कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजी और पावर-हिटिंग का स्तर पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है।

250 से ज्यादा का स्कोर टी20 क्रिकेट में बेहद दुर्लभ माना जाता था, लेकिन अब यह रिकॉर्ड तेजी से टूट रहे हैं। भारत ने मेंस टी20 क्रिकेट में सात बार 250+ स्कोर बनाकर इस सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके बाद आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद आती है, जिसने पांच बार यह उपलब्धि हासिल की। यह आंकड़ा भारतीय बल्लेबाजी की ताकत और आक्रामक शैली को दर्शाता है।

एक ही टी20 टूर्नामेंट में तीन बार 250 से ज्यादा स्कोर बनाना बेहद मुश्किल उपलब्धि है। इससे पहले यह कारनामा सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2024 में किया था। अब भारत ने भी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में तीन बार 250+ स्कोर बनाकर इस खास क्लब में जगह बना ली है। इससे टीम इंडिया की विस्फोटक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

एक ही टी20 टूर्नामेंट में तीन बार 250 से ज्यादा स्कोर बनाना बेहद मुश्किल उपलब्धि है। इससे पहले यह कारनामा सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2024 में किया था। अब भारत ने भी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में तीन बार 250+ स्कोर बनाकर इस खास क्लब में जगह बना ली है। इससे टीम इंडिया की विस्फोटक बल्लेबाजी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

भारत ने 2026 कैलेंडर वर्ष में चार बार 250 से ज्यादा रन बनाए, जो किसी भी टीम द्वारा एक साल में सबसे ज्यादा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि टीम इंडिया की बल्लेबाजी लाइन-अप लगातार बड़े स्कोर बनाने में सक्षम है। आधुनिक टी20 रणनीति, आक्रामक ओपनिंग और डेथ ओवरों में तेज रनगति ने इन बड़े स्कोरों को संभव बनाया है।

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