प्रधानमंत्री मोदी ने चिनाब पुल पर तिरंगा लहराया, कहा- माता वैष्णो देवी के आशीर्वाद से आज वादी-ए-कश्मीर, भारत के रेल नेटवर्क से जुड़ गई है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने इसे भारत की एकता, इच्छाशक्ति और इंजीनियरिंग का अद्भुत प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 46,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर में विकास की नई रफ्तार लाएंगे…

 

कटरा (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया और इस अभूतपूर्व परियोजना को संभव बनाने वाले इंजीनियरों और निर्माण श्रमिकों की पीठ थपथपाई। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शुभारंभ करने वाले हैं। हालांकि, परियोजनाओं के शुभारंभ के बीच जिस पल ने सभी का ध्यान खींचा, वह था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे पुल पर राष्ट्रीय ध्वज लहराया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कटरा में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये कार्यक्रम भारत की एकता और भारत की इच्छाशक्ति का विराट उत्सव है। माता वैष्णो देवी के आशीर्वाद से आज वादी-ए-कश्मीर, भारत के रेल नेटवर्क से जुड़ गई है।

उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लाइन परियोजनाएं, ये सिर्फ नाम नहीं हैं, ये जम्मू कश्मीर के नए सामर्थ्य की पहचान हैं। भारत के नए सामर्थ्य का जयघोष है। थोड़ी देर पहले मुझे चिनाब ब्रिज और अंजी ब्रिज का लोकार्पण करने का अवसर मिला है। आज ही दो नई वंदे भारत ट्रेनें जम्मू कश्मीर को मिली है। जम्मू में नए मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास हुआ है। 46,000 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं जम्मू और कश्मीर के विकास को नई गति देंगे।

ये हमारी सरकार का सौभाग्य है कि इस प्रोजेक्ट ने हमारे कार्यकाल में गति पकड़ी और हमने इसे पूरा करके दिखाया। रास्ते में आने जाने की मुश्किलें, मौसम की परेशानी, लगातार पहाड़ों से गिरते पत्थर… ये प्रोजेक्ट पूरा करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हमारी सरकार ने चुनौती को ही चुनौती देने का रास्ता चुना है।

चिनाब ब्रिज, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है। ये ब्रिज, एफिल टॉपर से भी उंचा है। अब लोग चिनाब ब्रिज के जरिए कश्मीर देखने तो जाएंगे ही, साथ ही ये ब्रिज भी अपने आप में एक आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिनाब नदी पर बने दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज को राष्ट्र को समर्पित करते हुए कहा कि आज जम्मू-कश्मीर के लाखों लोगों का सपना साकार हुआ है। ये सिर्फ पुल नहीं, भारत के फौलादी इरादों और इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भी एक हकीकत है कि जितने भी अच्छे काम हैं, वे मेरे लिए ही बचे रहते हैं।

यह हमारी सरकार का सौभाग्य है कि इस प्रोजेक्ट को हमने अपने कार्यकाल में रफ्तार दी और इसे पूरा कर दिखाया। बीच में कोविड का कालखंड और खराब मौसम जैसी चुनौतियां थीं, फिर भी हमारी सरकार ने चुनौती को चुनौती देने का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में कई ऑल वेदर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं, जो इस संकल्प की मिसाल हैं।

पीएम मोदी ने बताया कि कुछ समय पहले सोनमार्ग टनल शुरू हुई और आज उन्होंने खुद चिनाब ब्रिज और अंजी ब्रिज से होकर यात्रा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पुलों पर चलते हुए मैंने भारत के इंजीनियरों, श्रमिकों के साहस और संकल्प को नमन किया है। चिनाब ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज है।

लोग फ्रांस के पेरिस में एफिल टावर देखने जाते हैं, लेकिन अब यह ब्रिज एफिल टावर से भी ऊंचा है। यह सिर्फ एक रेलवे पुल नहीं, बल्कि कश्मीर का नया टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी बनेगा। लोग यहां सेल्फी पॉइंट पर जाकर इंजीनियरिंग के इस अद्भुत नमूने को निहारेंगे। प्रधानमंत्री ने इसे भारत के विकास, संकल्प और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की नई पहचान बताते हुए कहा कि यह पुल आने वाले वर्षों में टूरिज्म, कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय एकता का मजबूत आधार बनेगा।

पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, मां भारती का मुकुट है। ये मुकुट एक से बढ़कर एक खूबसूरत रत्नों से जड़ा हुआ है। ये अलगअलग रत्न, जम्मू कश्मीर का सामर्थ्य हैं। यहां की पुरातन संस्कृति, यहां के संस्कार, यहां की आध्यात्मिक चेतना, प्राकृति का सौंदर्य, यहां की जड़ी बूटियों का संसार, फलों और फूलों का विस्तार, यहां के युवाओं का कौशल… मुकुट मणि की तरह चमकता है।

अब जब रेल कनेक्टिविटी जुड़ गई है, तो यह प्रतिभा देश-दुनिया में अपना स्थान बनाएगी। रेल प्रोजेक्ट के फायदे गिनाते हुए उन्होंने कहा कि चाहे चिनाब ब्रिज हो या अंजी ब्रिज, ये जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों की समृद्धि का जरिया बनेंगे। टूरिज्म बढ़ेगा ही, साथ में अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।

अब कश्मीर के उत्पाद कम लागत में देश के बड़े बाजारों तक पहुंच पाएंगे, समय पर पहुंच पाएंगे। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर की रेल कनेक्टिविटी से व्यापारियों और उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे। अब यहां के लोगों के लिए देश के दूसरे हिस्सों में आना-जाना भी आसान हो जाएगा। यह नया युग है, जहां विकास की सीटी हर गांव, हर घाटी में गूंजेगी।

हर थाली में भरपेट अनाज

पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना से हर थाली में भरपेट अनाज सुनिश्चित हुआ है। जनधन योजना से पहली बार 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों के लिए बैंक की दरवाजा खुला है। सौभाग्य योजना से अंधेरे में जी रहे 2.5 करोड़ परिवारों में बिजली की रोशनी पहुंची है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने 12 करोड़ शौचालयों में खुले में शौच की मजबूरी से मुक्ति दिलाई है। पीएम सम्मान निधि से 10 करोड़ किसानों को सीधे आर्थिक सहायता मिली है।

जम्मू-कश्मीर शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कृति के क्षेत्र में बना रहा है नया कीर्तिमान 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें बार-बार जम्मू-कश्मीर आने और यहां के लोगों के सामर्थ्य को देखने का अवसर मिला है। मैंने यहां की ऊर्जा, उम्मीदें और मेहनत को नजदीक से महसूस किया है। यही वजह है कि मैं पूरे समर्पण भाव के साथ जम्मू-कश्मीर के विकास में जुटा हूं। पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत की शिक्षा और संस्कृति का गौरव रहा है और आज यह ज्ञान की भूमि के रूप में फिर उभर रहा है। जम्मू और श्रीनगर में सेंट्रल यूनिवर्सिटी हैं, नीट, आईआईएम जैसे देश के श्रेष्ठ शैक्षणिक संस्थान यहां हैं। आने वाले वर्षों में जम्मू-कश्मीर भारत के नॉलेज हब की भूमिका निभाएगा।
पीएम ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में दो स्टेट लेवल के कैंसर संस्थान बने हैं और पांच साल में सात नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। एमबीबीएस की सीटें 500 से बढ़कर 1300 हो गई हैं, जो क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि अब रियासी जिले को भी नया मेडिकल कॉलेज मिलने जा रहा है। इससे न सिर्फ इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज—भारत की सांस्कृतिक शक्ति का उदाहरण

प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि दान-पुण्य और श्रद्धा की हमारी संस्कृति का प्रतीक है। इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना में जो राशि लगी है, वह देश के कोने-कोने से माता के भक्तों द्वारा दान में दी गई है।उन्होंने बताया कि अस्पताल की क्षमता 300 बेड से बढ़ाकर अब 500 बेड की जा रही है। कटरा आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

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