दुर्ग रेंज आईजी अभिषेक शांडिल्य ने बेमेतरा जिले के भ्रमण के दौरान थाना बेरला का किया औचक निरीक्षण

बेमेतरा। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज दुर्ग अभिषेक शांडिल्य ने बेमेतरा जिले के भ्रमण दौरान थाना बेरला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू द्वारा उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान बंदी गृह, महिला डेस्क, विवेचक कक्ष, मालखाना सहित संपूर्ण थाना परिसर की स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि सीसीटीएनएस योजनांतर्गत एमएलसी/पीएम रिपोर्ट को ऑनलाइन माध्यम से संबंधित अस्पतालों में भेजे जाने तथा एनसीआरबी, नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-समंस पोर्टल, समन्वय पोर्टल, साइबर पुलिस पोर्टल (NCCRP), CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के उपयोग और संचालन के संबंध में एवं इस दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए टीम भावना से कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होनें निर्देशित किया कि पुलिस विभाग से संबंधित सभी रजिस्टर व रिकॉर्ड पूरी तरह कंप्यूटरीयकृत कर अपडेट रखें, ताकि उच्च अधिकारी द्वारा मांगे गए जवाब निर्धारित समय पर भेजे जा सके। सभी पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निश्चित समय अवधि में निपटारा कर पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र अति शीघ्र न्याय दिलाए। उन्होंने आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, निष्पक्ष एवं प्रभावी पुलिसिंग को प्राथमिकता देने की बात कही तथा बेहतर समन्वय एवं कार्यकुशलता पर विशेष जोर दिया।
आईजीपी द्वारा अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं एवं अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान एवं शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होनें ने विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साइबर प्रहरी अभियान एवं त्रिनयन एप के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। “सशक्त एप” के माध्यम से वाहन चेकिंग को प्रभावी बनाने तथा स्मार्ट एवं हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
कम्यूनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण हेतु मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने तथा विजिबल पुलिसिंग एवं चेकिंग अभियान को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण हेतु “ऑपरेशन मुस्कान” चलाने तथा संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
आईजीपी द्वारा समयबद्ध मामलों का शीघ्र निराकरण कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। तलाशी एवं जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य करते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आपराधिक कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया।
बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें तथा जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों की गतिविधियों की जानकारी संकलित करें। निगरानी एवं सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत नजर रखें तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचनाएं नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सुदृढ़ करना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से सूचना तंत्र मजबूत होगा और क्षेत्र पर पुलिस का नियंत्रण बेहतर होगा।
सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने, चोरी एवं अन्य अपराधों पर अंकुश हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग एवं कॉम्बिंग गश्त बढ़ाने तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
आईजीपी द्वारा सरप्राइज चेकिंग के माध्यम से वाहनों की सघन जांच करने, “सशक्त एप” के उपयोग को बढ़ाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस स्टैंड, चौपाटी आदि में नियमित चेकिंग एवं संदिग्ध व्यक्तियों—ठेला, गुमटी संचालकों एवं फेरीवालों—की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उन्होनें साइबर अपराध के प्रति आमजनों को जागरूक करने तथा फाइनेशियल फ्रॉड के प्रकरणों में म्यूल अकाउंट को फ्रीज करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए। तथा आम जनता से पुलिस का बेहतर संबंध बनाने, कम्यूनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने, सायबर अपराधों व एटीएम फ्राड के संबंध में ग्रामो, हॉट/बाजारों, स्कूल/कालेजो में जागरूकता अभियान चलाने, सोशल एक्टीविटी में पुलिस विभाग का सक्रिय रहने व आम जनता में पुलिस विभाग का विश्वास बढ़ाने आवश्यक दिशा – निर्देश दिए गए।
आईजी अभिषेक शांडिल्य ने भविष्य में और भी बेहतर कार्य निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। आईजीपी महोदय ने पुलिस बल को कानून व्यवस्था बनाए रखने, जनता को सुरक्षा प्रदान करने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आईजीपी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस की आदर्श छवि को सशक्त करने की दिशा में पूरी निष्ठा से कार्य किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उप महानिरीक्षक रामकृष्ण साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, एसडीओपी बेरला विनय कुमार एवं थाना प्रभारी बेरला उप निरीक्षक राजकुमार साहू, सउनि दिनेश चंद शर्मा, यागेश्वर देशमुख सहित थाना बेरला के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।



