इंडिगो संकट के बाद उड्डयन मंत्रालय सतर्क, यात्रियों की समस्या के समाधान के लिए बनाया 24×7 कंट्रोल रूम

इस कंट्रोल रूम में मंत्रालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए), एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के अधिकारी एक साथ काम कर रहे हैं। यहां से उड़ानों की निगरानी की जाती है, यात्रियों की कॉल सुनी जाती हैं और वास्तविक समय में मदद उपलब्ध कराई जाती है…
नईदिल्ली (ए)। हवाई यात्रियों की शिकायतों का तेजी से समाधान करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (पीएसीआर) की शुरुआत की है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे, सातों दिन काम कर रहा है और यात्रियों की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई कर रहा है।
पीएसीआर को 10 दिसंबर से शुरू किया गया था। यह कदम हाल ही में इंडिगो की परिचालन समस्याओं, कोहरे और अन्य कारणों से हुई उड़ान रद्द होने व देरी की घटनाओं के बाद उठाया गया। नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने बताया कि कंट्रोल रूम के शुरू होने से शिकायत निवारण में साफ सुधार हुआ है और यात्रियों व अन्य संबंधित पक्षों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। मंत्रालय के अनुसार, एयरसेवा, सोशल मीडिया और कॉल के जरिए आने वाली शिकायतों को अब पीएसीआर के माध्यम से तेजी से सुलझाया जा रहा है।
अब तक 13000 से अधिक शिकायतों का समाधान
समीर सिन्हा ने बताया कि अब तक 13000 से अधिक यात्रियों की शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। इनमें उड़ान रद्द होने, टिकट रिफंड, खोया हुआ सामान और विमान में भोजन न मिलने जैसी समस्याएं शामिल हैं। सभी मामलों की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि समाधान में देरी न हो।
कई एयरलाइंस के प्रतिनिधियों ने बताया कि यात्रियों की शिकायतें अलग-अलग तरह की होती हैं, लेकिन अधिकतर मामलों को 72 घंटे के भीतर सुलझाने की कोशिश की जाती है। इंडिगो, स्पाइसजेट, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर के अधिकारियों ने माना कि कंट्रोल रूम के कारण कामकाज सुचारू हुआ है और यात्रियों को राहत मिल रही है।
पीएसीआर के जरिए यात्रियों की समस्या का समाधान
मंत्रालय के मुताबिक, उड़ानों में लगातार देरी, रिफंड में विलंब, लंबी कतारें, हवाई अड्डों पर सुविधाओं की कमी और सामान गुम होने जैसी समस्याएं लंबे समय से यात्रियों को परेशान कर रही थीं। इन्हीं कारणों से एक व्यवस्थित और समन्वित व्यवस्था की जरूरत महसूस की गई, जिसे पीएसीआर के जरिए पूरा किया जा रहा है।



