आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मधुबनी पहुंचे। दरभंगा में विशेष विमान से उतरने के बाद वह हेलीकॉप्टर से मधुबनी पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां पंचायती राज दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। बिहार के सभी केंद्रीय मंत्रियों के साथ क्षेत्रीय सांसद-विधायक के अलावा सत्तारूढ़ दलों के सभी एमपी व कई एमएलए-एमएलसी इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हुए थे। सभी ने पीएम मोदी का स्वागत किया। पहलगाम हमले के कारण इस सभा में तामझाम नहीं रखा गया है। सादगी से कार्यक्रम करने की घोषणा की गई है…

 

मधुबनी (ए)। पीएम मोदी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने मासूम देशवासियों को जिस बेरहमी से मारा है, उससे पूरा देश व्यथित है। कोटि-कोटि देशवासी दुखी हैं। सभी पीड़ित परिवारों के इस दुख में पूरा देश उनके साथ खड़ा है। इन परिवारजनों का अभी इलाज चल रहा है। वे जल्द स्वस्थ हों, इसके लिए भी सरकार हर प्रयास कर रही है। इस आतंकी हमले में किसी ने अपना बेटा खोया, किसी ने अपना भाई खोया, किसी ने अपना जीवनसाथी खोया। इनमें से कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़ बोलता था, कोई मराठी, कोई गुजराती था, कोई यहां बिहार का लाल था। आज उन सभी की मृत्यु पर करगिल से कन्याकुमारी तक हमारा दुख और आक्रोश एक जैसा है।

पीएम मोदी ने कहा कि यह हमला सिर्फ निहत्थे पर्यटकों पर नहीं हुआ है, देश के दुश्मनों ने भारत की आत्मा पर हमला करने का दुस्साहस किया है। मैं बहुत स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि जिन्होंने यह हमला किया है, उन आतंकियों को और इस हमले की साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। सजा मिलकर रहेगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है। 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति अब आतंक के आकाओं की कमर तोड़कर रहेगी।

प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि आतंकी साजिश रचने वालों को भी कड़ी सजा मिलेगी। पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए पीएम ने कहा कि साजिश रचने वालों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा दी जाएगी। पीएम मोदी ने 13,480 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास करते हुए राष्ट्र को समर्पित किया।

आज बिहार की सरजमीं से मैं पूरी दुनिया से यह कहना चाहता हूं कि भारत इन लोगों की पहचान करेगा, उन्हें ढूंढेगा और हर आतंकी तथा उनकी मदद करने वालों को सजा देगा। हम उन्हें पृथ्वी के अंतिम छोर तक खदेड़ देंगे। भारत की आत्मा को आतंकवाद कभी नहीं तोड़ सकता। इंसाफ मिले, इसके लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इस दुनिया में जो भी इंसानियत के पक्ष में है, वह हमारे साथ है। इस वक्त दुनिया में जो हमारे साथ खड़ा है, हम उनके शुक्रगुजार हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार से आतंकियों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में इस हमले की साजिश रचने वालों और इसे अंजाम देने वालों को चेताते हुए कहा कि उन्हें सजा मिलकर रहेगी। अब आतंकियों की बची-खुची जमीन को भी मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है।

दरभंगा एयरपोर्ट से मिथिला की बिहार की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है पटना एयरपोर्ट का भी विस्तार किया जा रहा है विकास के इन कार्यों से बिहार में भी रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं हमारे किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं ई रीड जितनी मजबूत होगी जितनी मजबूत होगी गांव उतने ही मजबूत होंगे देश उतना ही सशक्त होगा हम सब जानते हैं कि कोसीक्षेत्र बाढ़ से बहुत परेशान रहा है सरकार बिहार में बाढ़ के प्रकोप को कम करने के लिए 11000 करोड रुपए खर्च करने वाली है।

आज भारत रेल रोड जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर से भी तेज गति से जुड़ रहा है पटना में मेट्रो का काम चल रहा है देश के दो दर्जन से अधिक शहर मेट्रो सुविधा से जुड़े हैं आज पटना से जयनगर के बीच नमो भारत रैपिड रेल की शुरुआत की हुई है इससे पटना से जयनगर के बीच का सफर बहुत कम समय में पूरा हो जाएगा समस्तीपुर दरभंगा मधुबनी और बेगूसराय के लाखों लोगों को नमो भारत रैपिड रेल से मदद मिलेगी साथियों आज यहां अनेक नई रेलवे लाइनों का उद्घाटन और लोकार्पण हुआ है सहरसा से मुंबई तक आधुनिक अमृत भारत ट्रेन शुरू होने से हमारे श्रमिक परिवारों को बहुत सुविधा हो गई।

हमारे सामने आरोग्य जैसे क्षेत्र का भी उदाहरण है कभी एम्स जैसे अस्पताल दिल्ली जैसे बड़े शहरों में ही होते थे, आज यहां दरभंगा में ही एम्स बन रहा है। बीते 10 सालों में देश में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी हो चुकी है। यहां झंझारपुर में भी नया मेडिकल कॉलेज बन रहा है। साथियों गांव में भी अच्छे अस्पताल बने इसके लिए देशभर में डेढ़ लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। बिहार में ऐसे 10000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनेंगे। इसी तरह जन औषधि केंद्र गरीब और मिडिल क्लास के लिए बहुत बड़ी राहत बन चुके हैं, जहां 80% डिस्काउंट पर सस्ती दवाई मिलती हैं। बिहार में 800 से ज्यादा जन औषधि केंद्र बनवाए गए हैं। इससे बिहार के लोगों का 2000 करोड़ रूपया दवाई पर होने वाला खर्च बचा है। आयुष्मान भारत योजना के तहत भी बिहार में लाखों परिवारों का मुफ्त इलाज हो चुका है। इससे इन परिवारों को हजारों करोड़ रूपों की बचत हो गई।

बीटा दशक भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर का दशक रहा है। यह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित भारत की बुनियाद को मजबूत कर रहा है। देश के 12 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवार के घरों में पहली बार नल से जल पहुंचा है। ढाई करोड़ से अधिक गांव में बिजली का कनेक्शन पहुंचा है, जिन्होंने कभी सोचा नहीं था की गैस के चूल्हे पर खाना बनाया उन्हें गैस सिलेंडर मिले हैं। अभी हाल में अपने खबर पढ़ी होगी लद्दाख और सियाचिन में जहां सामान्य सुविधाएं पहुंचाने तक मुश्किल होती है। वहां 4G और 5G मोबाइल कनेक्शन पहुंच गया है यह दिखाता है कि आज देश की प्राथमिकता क्या है।

आज ही बिहार के करीब डेढ़ लाख परिवार अपने नए पक्के घर में गृह प्रवेश कर रहे हैं। देश भर के 15 लाख गरीब परिवारों को नए घरों के निर्माण के स्वीकृति पत्र भी दिए गए हैं। इसमें भी साढे तीन लाख लाभार्थी हमारे बिहार के ही हैं। आज ही करीब 10 लाख गरीब परिवारों को उनके पक्के घर के लिए आर्थिक मदद भेजी गई है, जिसमें बिहार के 80000 ग्रामीण परिवार और एक लाख शहरी परिवार शामिल हैं।

मजदूर से लेकर किसान और गाड़ी वाले से लेकर दुकानदार तक सबको कमाई के नए मौके मिले हैं इससे उसे समाज को सबसे अधिक फायदा हो रहा है जो पीडिया से वंचित रहे मैं आपको पीएम आवास योजना का उदाहरण दूंगा इस योजना का लक्ष्य है देश में कोई भी गरीब परिवार बेघर ना हो सब के सिर पर पक्की छत हो अभी इन माता बहनों को मैं घर की चाबी दे रहा था तो उनके चेहरे पर जो संतोष नजर आ रहा था उन में जो नया आत्मविश्वास नजर आ रहा था वह वाकई इन गरीबों के लिए काम करने की प्रेरणा का कारण बन जाता है आज इसी लक्ष्य के साथ बीते दशक में चार करोड़ से अधिक पक्के घर बनवाए गए हैं बिहार में भी अब तक 57 लाख गरीब परिवारों को पक्के घर मिल चुके हैं यह घर गरीब दलित पिछड़ी अति पिछड़े पसमांदा परिवार ऐसे समाज के वंचित परिवारों को मिले हैं आने वाले सालों में तीन करोड़ पक्के ऐसे घर गरीबों को मिलने जा रहे हैं।

बीते दशक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली गांव में गरीबों के घर बने सड़क बनी पक्के रास्ते बने गांव में गैस कनेक्शन पहुंचे पानी के कनेक्शन पहुंचे शौचालय बने हैं ऐसे हर काम से गांव में लाखों करोड़ रुपए पहुंचे हैं रोजगार के नई अवसर भी बने हैं।

इसी सोच के साथ लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का कानून भी बनाया गया इसका लाभ देश के हर राज्य की महिलाओं को होगा हमारी बहन बेटियों को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिलेगा साथियो देश में महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए रोजगार स्वरोजगार के नए अवसर बनाने के लिए सरकार मिशन मोड में काम कर रही है बिहार में चल रहे जीविका दीदी के कार्यक्रम से अनेक बहनों का जीवन बदला है आज यहां बिहार की बहनों के स्वयं सहायता समूह को करीब 1000 करोड़ की मदद दी गई है इससे बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण को और बल मिलेगा यह देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने की लक्ष्य की प्राप्ति में बहुत सहयोगी बनेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button